गर्मी में अमृत है सत्तू , जानें इसके 10 फायदे

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पंकज मिश्रा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जून):  पूरे उत्तर भारत में गर्मी सातवें आसमान पर है। कई इलाकों में तापमान का पारा 50 के करीब पहुंच चुका है। लोगों के लिए घर से बाहर निकलना क्या घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। लोग गर्मी और लू से बचने के लिए तहत-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं। कोई पेड़ों की ठंडी छांव तलाश रहा है तो कोई आइस्क्रीम और कोल्डड्रिंक्स से अपनी प्यास बुझाने में जुटा है। इन सब चीजों से आपको कुछ देर राहत तो मिलती है, लेकिन गर्मी में सुकून नहीं है। गर्मियों में सत्तू बहुत फायदेमंद होता है। 

बिहार और उत्तरप्रदेश का देशज व्यंजन सत्तू को देशी कोल्ड ड्रिंक्स भी कहा जाता है। इसे आप घर पर बना सकते हैं। सत्तू भूने हुए जौ और चने को पीस कर बनाया जाता है। बिहार और उत्तर प्रदेश में इसे काफी पसंद किया जाता है। इसका प्रयोग कई व्यंजनों को बनाने के लिए होता है। सामान्यतः सत्तू एक चूर्ण के रूप में रहता है जिसे पानी में घोल कर पिया जाता है। गर्मी के मौसम में यह आपको लंबे समय तक कूल रखेगा और इसके कोई नुकसान भी नहीं है बल्कि चने के सत्तू का शर्बत सेहत के लिए लाभदायक होता है। इसके सेवन से पेट की कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है, स्किन और बालों के लिए भी चने का सत्तू फायदेमंद होता है। सत्तू में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट होता है। सत्तू की तासीर ठंडी होती है और इसके कई फायदे होते हैं।

सत्तू के फायदे...

- गर्मी में तेज धूप के कारण पूरा बदन पसीने में तर रहता है जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे हमार एनेर्जी लेवल भी डाउन होने लगता है। इस स्थिति में सत्तू तुरंत एनर्जी देने का काम करता है। सत्तू की तासीर ठंडी होने की वजह से गर्मियों में इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है। यह पेट को ठंडा रखने में भी मदद करता है जिसकी वजह से व्यक्ति को लू नहीं लगती है। सत्तू शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे पेट संबंधी कई बीमारियों से बचाव होता है।

- चने के सत्तू में मिनरल्स, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है जो आपके शरीर की थकान मिटाकर आपको इंस्टेंट एनर्जी देने का काम करता है।

- शरीर में खून की कमी होने पर व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित होता है। ऐसा होने पर रोजाना पानी में सत्तू मिलाकर पीने से काफी लाभ मिलता है।

- सम्पूर्ण आहार के लिए जरूरी सभी तत्व सत्तू में पाए जाते हैं। सत्तू को खाने या पीने से लम्बे समय तक व्यक्ति को भूख नहीं लगती है। जो वजन कम करने में व्यक्ति की मदद करता है।

- सत्तू में मौजूद बीटा-ग्लूकेन शरीर में बढ़ते ग्लूकोस के अवशोषण को कम करके ब्लड में शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं। सत्तू का सेवन रोजाना करने से मधुमेह रोगी डायबिटीज को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है।

- हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सत्तू को पानी में घोलकर उसमें नमक डालकर लेने की सलाह दी जाती है।

- प्रेग्नेंसी दौरान और माहवारी के दिनों में महिलाओं में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए सत्तू एक बेहतरीन औषधि है। सत्तू में मौजूद विटामिन्स और प्रोटीन्स शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर देते हैं।

- बूढ़े व्यक्तियों के लिए सत्तू अमृत के समान है। बढ़ती उम्र के साथ व्यक्ति को कई समस्याएं घेर लेती हैं जिनमें खराब पाचन, पेट फूलना, कब्ज, एसिडिटी और दिल से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती हैं इनमें सत्तू काफी लाभदायक होता है।

- दमकती हुई सुंदर त्वचा कौन नहीं चाहता, लेकिन अपनी त्वचा का खास खयाल न रखने और पोषक तत्व ठीक से न मिल पाने की वजह से आपकी त्वचा रूखी सूखी और अस्वस्थ्य हो जाती है। हर रोज सत्तू ड्रिंक पीने से आपकी त्वचा हाइड्रेट रहती है और नई कोशिकाओं को बनने में भी मदद मिलती है।

- अगर आप लंबे, घने, सुंदर और काले बाल चाहते हैं, तो आपको अपनी रोज की डाइट में सत्तू ड्रिंक का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। पोषक तत्वों की कमी की वजह से बाल पतले होना, बालों का झड़ना और वक्त से पहले सफेद हो जाना जैसी कई समस्याएं हो जाती हैं। हमारे शरीर की ही तरह हमारे बालों को भी पोषक तत्वों का आवश्यकता होती है और सत्तू में मौजूद प्रोटीन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट इस कमी को पूरा कर देते हैं।