कड़ी सुरक्षा के बीच फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा

नई दिल्ली (10 जुलाई): घाटी में भड़की हिंसा की वजह से रोकी गई अमरनाथ यात्रा भारी सुरक्षा के बीच फिर शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार ने कश्मीरी पंडितों की सिक्युरिटी को लेकर भी जम्मू-कश्मीर सरकार से बात की है।

हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा का दौर जारी है। रविवार तक 20 लोगों की मौत हुई है। हिंसा में एक जवान भी शहीद हो गया है। इसके अलावा 250 लोगों के घायल होने की जानकारी है। पुलवामा, अनंतनाग और श्रीनगर समेत 10 जिलों में कर्फ्यू है। हिंसक विरोध अभी भी चल रहा है। करीब 5000 श्रद्धालु बेस कैंप बालताल और पहलगाम में फंसे हुए हैं। इसके अलावा श्रीनगर, गुलमर्ग और अनंतनाग में भी हजारों यात्री बीच रास्ते में ही फंसे हुए हैं।

बुरहान के मारे जाने के कारण घाटी में तनाव के चलते अमरनाथ यात्रा रोक दी गई थी। श्रद्धालुओं ने बताया कि शुक्रवार रात को ही श्रीनगर रोड पर काजीगुंद-अनंतनाग के पास स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा के काफिले पर हमले शुरू कर दिए। बसों-कारों के शीशे तोड़े गए। महिलाओं को बेइज्जत किया।

एक श्रद्धालु ने बताया, ''न सेना आगे जाने दे रही है, न हम पीछे मुड़ सकते हैं। जगह-जगह हाईवे जाम है। खाने को कुछ नहीं बचा है। जो लोग गाड़ियों के साथ अनंतनाग पहुंच चुके थे, वे लौट रहे हैं। ज्यादातर गाड़ियों के शीशे टूटे हुए दिखे। बहुत से यात्री जख्मी भी थे। रामबन में करीब 2 हजार के करीब श्रद्धालु हैं। रास्ते में भी कई लोग फंसे हैं।''