अमरनाथ यात्रा पर खतरा, तैनात होंगे 27 हजार सुरक्षाकर्मी

नई दिल्ली (23 मई): अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरे और पत्थरबाजी की आशंकाओं के बीच केंद्रीय गृह सचिव ने गृह मंत्रालय में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, जम्मू कश्मीर के डीजीपी और केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों के डीजी शामिल हुए।


इस बार यात्रा के दौरान खतरे से निपटने के लिए पहले से अधिक सुरक्षा दी जाएगी। अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक करीब 1 लाख 52 हजार श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं, यह वह यात्री हैं जो सड़क रास्ते से पैदल चलकर पवित्र शिवलिंग के दर्शन करेंगे। साथ ही 25000 यात्रियों ने हेलीकॉप्टर से जाने के लिए पंजीकरण कराया है। पिछले बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 189 कंपनियां लगाई गईं थी, लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर सरकार ने केंद्र से 279 कंपनियों की मांग की है। यानिकी इस बार खतरे काे देखते हुए 90 अतिरिक्त कंपनियों की मांग की गई है।


अमरनाथ यात्रियों पर इस बार पत्थरबाजी का सबसे ज्यादा खतरा है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा के लिए सेना, सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी और एसएसबी के जवान तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम वाली जगहों पर 4 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि यात्री पूरे जत्थे के साथ रुकते हैं और वहां भारी तादाद में एक साथ लोग मौजूद रहते हैं। इसी के मद्देनजर ऐसे स्थानों पर सुरक्षा कड़ी रहेगी।