हार-जीत के विवाद में नहीं जाना चाहता, मुलायम आज भी मेरे नेता- अमर सिंह

लखनऊ (17 जनवरी): पिता-पुत्र के बीच पार्टी में जारी वर्चस्व की लड़ाई में बेटा अखिलेश विजेता बनकर उभरे हैं। चुनाव आयोग के फैसले के बाद पिता मुलायम और चाचा शिवपाल यादव अपने-अपने हथियार डाल चुके हैं। दोनों ने अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष मान लिया है और उनकी अगुआई में चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

वहीं इस पूरी लड़ाई में अखिलेश गुट ने अमर सिंह को खलनायक के तौर पर पेश किया। यहां तक की अखिलेश यादव ने खुले मंच के कई बार अमर सिंह पर निशाना साधा और एक जनवरी को पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के साथ ही अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अब अमर सिंह की सियासी भविष्य पर एकबार फिर सवाल खड़ा हो गया है।

इन सबके बीच अमर सिंह का कहना है कि कुछ भी हो वो मुलायम सिंह के भक्त बने रहेंगें। उन्होंने कहा कि कि जीतने वाला गलत है या हारने वाला , इसका मापदंड सफलाता या विफलता नहीं हो सकती। मुलायम सिंह मुझे खलनायक नहीं मानते ये मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि  एक तरफा प्यार में बहुत ताकत होती है, उसे कोई बांट नहीं सकता। अब सामने वाला चाहे मुझे खलनायक कहे या शकुनी।

अपने बीजेपी में शामिल होने के कयासों को अमर सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। अमर सिंह का कहना है कि मुझे जिस दिन मुझे बीजेपी में जाना होगा, मैं डंके की चोट पर कहूंगा और खुले आम जाऊंगा।

अमर सिंह की बड़ी बातें...

 

- जीतने वाला गलत है या हारने वाला , इसका मापदंड सफलाता या विफलता नहीं हो सकती

- मुलायम सिंह मुझे खलनायक नहीं मानते

- एक तरफा प्यार में बहुत ताकत होती है, उसे कोई बांट नहीं सकता

- अब सामने वाला चाहे मुझे खलनायक कहे या शकुनी

- मुझे जिस दिन बीजेपी में जाना होगा, मैं डंके की चोट पर कहूंगा और खुले आम जाऊंगा