समाजवादी हुए अमर सिंह, सामने आया आजम खान का दर्द

मानस श्रीवास्तव, लखनऊ (18 मई): सात साल बाद अमर सिंह फिर से समाजवादी हो गए हैं। हालांकि अमर सिंह खुद कहते हैं कि वो समाजवादी से ज्यादा मुलायमवादी हैं। कहेंगे भी आखिर आजम खान और रामगोपाल यादव के नाक-भौं सिकोड़ने के बाद भी मुलायम सिंह ने जो हरी झंडी अमर सिंह के नाम पर दी है। अब मुलायम के इसी अमर प्रेम पर रामपुर के आजम खान का दर्द सामने आ गया है। आजम कह रहे हैं कि मुलायम मालिक हैं, फैसला सिर आंखों पर। 

वास्तव में मन से बहुत मुलायम निकले नेताजी। वर्ना जिन अमर सिंह ने 6 साल तक मुलायम सिंह और उनके परिवार पर वार करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा था, उन्हें मुलायम सिंह ने साइकिल पर बैठा लिया। जबकि दिल के करीबी आजम खान और छोटे भाई प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने अमर सिंह का पत्ता कटवाने के लिए सारे घोड़े छोड़ रखे थे। फिर मुलायम नहीं माने तो रामपुर के खान साहब का दर्द झलक पड़ा। 

मुलायम सिंह की साइकिल के कैरियर पर अमर सिंह को बैठा देख दर्द तो मुलायम सिंह के छोटे भाई प्रोफेसर राम गोपाल यादव को भी उतना ही हो रहा है। क्योंकि जिस बैठक में अमर सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला हुआ वहां भी आजम और रामगोपाल यादव बैरियर लगाकर बैठे थे, लेकिन मुलायम सिंह ने सारे बैरियर पुराने दोस्त के लिए तोड़ दिए। अमर सिंह की घरवापसी पर जब गोरखपुर वाले योगी बाबा से पूछा गया तो कहने लगे कि सब डूबेंगे बारी-बारी।

उधर समाजवादी कोटे से राज्यसभा का टिकट कन्फर्म होते ही मुलायमवादी अमर सिंह और जया प्रदा के साथ बगलामुखी मंदिर में दर्शन करने पहुंच गए। सियासत की शक्ति दोबारा मिलने के बाद शक्तिपीठ पर मत्था अमर सिंह ने टेक लिया। लेकिन उस दर्द का इलाज अब कैसे होगा, जो मुलायम के अमर प्रेम से आजम खान और छोटे भाई रामगोपाल के दिल में उठा है।