अमर सिंह का अखिलेश पर तंज, कहा- जिस चाचा के घर पले-बढ़े आज उनके ही हो गए विरोधी

लखनऊ (6 जनवरी): उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बच गया है लेकिन मुलायम परिवार और पार्टी में जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है, हालांकि पिता मुलायम और पुत्र अखिलेश के बीच सुलह की कोशिशें लगातार जारी है।

अखिलेश गुट पार्टी में जारी कलह के लिए शिवपाल यादव और अमर सिंह को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।  वहीं अमर ने बाप-बेटे में जारी सियासी जंग के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पूरे मामले पर अमर सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि सीएम अखिलेश यादव की जिंदगी में मेरा अहम योगदान रहा है और इससे खुद अखिलेश यादव भी इनकार नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच जारी तनातनी को लेकर भी सीएम अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया है। उन्होंने अमर ने कहा कि जिनके घर पर मुख्यमंत्री पले-बढ़े, उन्हीं चाचा के आज वो विरोधी हो गए। अमर ने कहा कि मेरा आशीर्वाद हमेशा अखिलेश यादव के साथ रहेगा और मैं उन्हें भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मैं उनके विकास के खिलाफ नहीं हूं।

अमर सिंह ने अखिलेश यादव, नरेश अग्रवाल और किरनमय नंदा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो विधायक मंत्री कल तक शिवपाल यादव के पास रहने के चलते दागी थे। अब अखिलेश यादव के पक्ष में दस्तखत करने पर पाक साफ कैसे हो गए। सत्ता के वृंदावन में रहना है तो स्वामी जी को सहना है, हांजी! हांजी! कहना है।

नरेश अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि एक नेता राजनाथ सिंह की सरकार में मंत्री रहे हैं। बीएसपी में भी रहे हैं और कांग्रेस में भी रहे हैं। सर्वदलीय अनुभव लेने के बाद मुझे बीजेपी का एजेंट बता रहे हैं। मैं बैकडोर की राजनीति नहीं करता। एक उपाध्यक्ष ठीक से हिंदी भी नहीं बोल पाते। यहां नेताजी अकेले हैं, बेहैसियत हैं यह सुनने नहीं आया हूं। सुलह का कोई रास्ता निकले तो मैं हमेशा उसके पक्ष में हूं।

गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव ने शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसी बड़े ऐलान का फैसला लिया था, लेकिन बाद में पत्रकार वार्ता के रद्द होने की खबर आई। कहा जा रहा है कि मुलायम सिंह किसी फैसले को लेकर पसोपेश में है और कोई राय नहीं बना पा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सीनियर लीडर आजम खान के मना करने पर मुलायम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने का फैसला लिया।