सरकार ने कड़ा किया सरोगेसी कानून, लगाई यह पाबंदी

नई दिल्ली (24 अगस्त): विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि सरकार ने देश में सरोगेसी की इजाजत दे दी है। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि यह सुविधा सिर्फ भारत के नागरिकों को ही मिलेगी, इसका फायदा एनआरआई और ओसीआई होल्डर नहीं उठा सकते।

हालांकि सुषमा ने बताया कि अगर आपके पास अपना बच्चा है या आपने कोई बच्चा गोद लिया है तो आपको सरोगेसी की इजाजत नहीं मिलेगी। कुल मिलाकर यह उन लोगों को ध्यान में रखकर किया गया है, जो दंपती किसी कारण बच्चे को जन्म नहीं दे सकते या फिर किसी बच्चे को गोद नहीं लेना चाहते।

सुषमा स्वराज ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया...

- पैसा लेकर सरोगेसी को बैन करने को लेकर बिल लाया गया। - पीएम मोदी ने जीओएम का गठन मेरी अध्यक्षता में इस विषय को लेकर किया। - महिलाओं की कोख को किराए पर दिया जाता है। - लड़की होती हैं तो छोड़कर चले जाते हैं। जुड़वा बच्चों में भी लड़की को छोड़ दिया जाता है। - बच्चा अगर विकलांग हुआ तो भी छोड़ दिया जाता है। - देश में अभी 2000 सरोगेसी क्लीनिक चल रहे हैं। - पर कुछ दंपति जो वाकई में सही हैं, जिनके केस में रिश्‍तेदार सामने आए हैं। - एनआरआई या ओआईसी कॉर्ड होल्डर को भी अनुमति नहीं होगी। - जो सरोगेसी बच्चा चाहते हैं, कानूनी रूप से विवाहित होने चाहिए और शादी को 5 साल बीत जाने चाहिए। - सिंगल, लिविंग और होमोसेक्सुअल को सरोगेसी ही इजाजत नहीं होगी। - शादी के समय लड़की की उम्र 23-50 साल होनी चाहिए जबकि लड़के की उम्र 26-55 होनी चाहिए। - अमीर लोग शौके के लिए बच्चे करते हैं। भले एक नहीं दो बच्चे हो लेकिन उनकी पत्नी प्रसव पीड़ा नहीं सहना चाहती। - एक महिला एक ही बार सरोगेट बच्चा कर सकती है। इसके लिए महिला को विवाहित और एक बच्चे की मां भी होना जरूरी है। - सरोगेटी क्लीनिक को रजिस्टर करना होगा। - सरोगेटी चाइल्ड को वो सभी अधिकार होंगे जो बाइलोजिक्ल बच्चे को होंगे। - 25 साल तक सरोगेटी चाइल्ड का रिकॉर्ड क्लीनिक के पास होगा। - नेशनल सरोगेटी बोर्ड बनेगा। हेल्थ मंत्री, सेक्रेट्री और तीन महिला एमपी बोर्ड की सदस्य होंगी। स्टेट और केंद्र का अलग बोर्ड होगा। - सरोगेट बच्चे को पैदा होने के बाद अपनाना होगा, चाहे वह कैसा भी क्यों ना हो। वरना 10 साल की सजा का प्रावधान होगा। - सरोगेटी के लिए दंपति का मेडिकल सार्टिफिकेट होना चाहिए, जिनमें से कोई एक अनफिट हो।

क्या होती है सरोगेसी? सरोगेसी में तीन लोग शामिल होते हैं। कई दंपती संतान उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं, लेकिन पत्नी किसी मेडिकल कारण से मां नहीं बन सकती। कई मामलों महिला का एक उम्र के बाद मां बनना संभव नहीं होता है। ऐसे में वे तीसरी महिला का सहयोग लेते हैं। आईवीएफ तकनीक से दंपती के शुक्राणुओं से बना एंब्रियो तीसरी महिला की कोख में रखा जाता है। नौ माह बाद जन्म लेने वाली संतान का डीएनए दंपती का ही होता है।