ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप आधारहीन हैं: चुनाव आयोग

नई दिल्ली ( 16 मार्च ): हाल ही में आए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोपों को राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने सिरे खारिज कर दिया है। गुरुवार को चुनाव आयोग ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को आधारहीन करार दिया। आयोग ने कहा कि ऐसे कई तकनीकी और प्रशासनिक इंतजाम हैं, जिनकी वजह से ईवीएम में छेड़छाड़ करना मुमकिन नहीं है और चुनाव प्रक्रिया की पादर्शिता बनी हुई है।

हालांकि, आयोग ने यह भी कहा कि अगर किसी खास तरह के आरोप साक्ष्यों के साथ उसके सामने रखे गए तो प्रशासनिक मोर्चे पर पूरी गंभीरता बरतते हुए इसकी जांच की जाएगी।

आयोग ने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों की ओर से कोई खास शिकायत या ठोस सबूत नहीं मिले। आयोग ने कहा कि ईवीएम छेड़छाड़ को लेकर बीएसपी का पक्ष बिना किसी खास आरोप के हैं और उसने पार्टी के दावों को पहले ही खारिज कर दिया था। आयोग ने गुरुवार को कहा कि कोई भी यह साबित करने में नाकाम रहा कि चुनाव आयोग द्वारा इस्तेमाल ईवीएम में छेड़छाड़ की जा सकती है।

बता दें कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने यूपी चुनाव में मिली करारी हार के बाद ईवीएम पर सबसे पहले सवाल उठाया था। बीएसपी 403 सीटों पर हुए इस चुनाव में महज 19 पर सिमट गई जबकि उसे 2012 में 80 सीटें मिली थीं। ईवीएम में छेड़छाड़ से जुड़े उनके आरोपों का एसपी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी समर्थन किया है। मायावती ने नतीजों को हैरान करने वाला करार देते हुए कहा था कि चुनाव आयोग को नतीजों पर रोक लगाकर दोबारा से पारंपरिक बैलट पेपर का इस्तेमाल करके चुनाव कराने चाहिए। हालांकि, आयोग ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनकी मांग का कोई कानूनी आधार नहीं है।

उसके बाद पंजाब में हार के बाद केजरीवाल ने भी ईवीएम पर सवाल खड़ा किया था। केजरीवाल ने कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ की वजह से आम आदमी पार्टी का पंजाब में बेहद खराब प्रदर्शन रहा। बता दें कि केजरीवाल की पार्टी 117 सीटों वाले पंजाब में सिर्फ 20 सीटें ही मिल पाईं।