मुस्लिमों के लिए SC कैटेगरी के फायदों की मांग वाली PIL खारिज

नई दिल्ली (15 जुलाई): इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मुस्लिम समुदाय के लिए अनुसूचित जाति की कैटेगरी को दिए जाने वाले फायदों की मांग की गई थी। 

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस वीके शुक्ता और जस्टिस एमसी त्रिपाठी की बेंच ने यह आदेश पारित किया। बेंच एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स और दो अन्य की तरफ से दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी।

क्या है मामला

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि संविधान के अनुसार शिड्यूल्ड कास्ट्स ऑर्डर, 1950, जिसे भारत के राष्ट्रपति ने जारी किया। उसमें अनुसूचित जाति की कैटेगरी में केवल हिंदू (सिख और बौद्ध) को ही शामिल किया गया है। जो धर्म के आधार पर मुस्लिमों के साथ भेदभाव है।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को भी उनके सामाजिक स्तर के हिसाब से अनुसूचित जाति की कैटेगरी में शामिल किया जाना चाहिए। उन्हें आरक्षण, सामाजिक बुराइयों से सुरक्षा आदि के लाभ भी दिए जाने चाहिए।