कैराना मामले पर मीडिया कवरेज रोकने के लिए दायर PIL हाईकोर्ट ने खारिज की

नई दिल्ली (26 जून): इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैराना मामले को कथित तौर पर बढ़ा चढ़ाकर दिखाने के आरोप के साथ इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया कवरेज को रोकने के लिए एक जनहित याचिका दायर की गई। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि इससे सांप्रदायिक समरसता प्रभावित हो सकती है।

'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने इसे अधिकारियों पर खुले तौर पर उपयुक्त कदम उठाने के लिए फैसले के लिए छोड़ दिया है, अगर कानून के मुताबिक इस तरह के कदम उठाने की जरूरत महूसस की जाए। ऐसे में प्रभावित व्यक्ति उपयुक्त फोरम से संपर्क कर सकता है।

जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और शमशेर बहादुर सिंह की डिवीजन बेंच ने 23 जून को एक याचिका पर आदेश जारी किया। इस याचिका में अहम राजनैतिक दलों के साथ न्यूज चैनलों और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) को भी पक्षकार बनाया गया था। यह याचिका एक पत्रकार की तरफ से जारी की गई।

याचिका में आरोप लगाया गया कि कैराना में हुई एक घटना से जोड़कर जो माहौल बनाया जा रहा है, वह पीसीआई की तरफ से घोषित नीतिगत सिद्धांतों का साफ उल्लंघन है। यह एक ऐसी परिस्थिति में ले जाता है, जो सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकता है।