ईद-उल-अजहा विशेषः कुर्बानी के पीछे बंदों की नीयत को देखता अल्लाह ताला

नई दिल्ली (12 सितंबर): ईद उल अजहा त्याग और बलिदान का दिन है। आज के दिन कुर्बानी दी जाती है। यह एक जरिया है जिससे बंदा अल्लाह की रजा हासिल करता है। बेशक अल्लाह को कुर्बानी का गोश्त नहीं पहुंचता है, बल्कि वह तो केवल कुर्बानी के पीछे बंदों की नीयत को देखता है। अल्लाह को पसंद है कि बंदा उसकी राह में अपना हलाल तरीके से कमाया हुआ धन खर्च करे। कुर्बानी का सिलसिला ईद के दिन को मिलाकर तीन दिनों तक चलता है।