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'सभी पेट्रोलियम पदार्थ को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए'

इंडियन ऑयल के चेयरमैन संजीव सिंह ने तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी को लेकर कहा, 'तेल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए हमें सरकार से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। हमने बीते करीब 19 दिनों तक तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोके रखा था। सरकार को जितने भी पेट्रोलियम पदार्थ हैं उन्हें जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।'

नई दिल्ली ( 22 मई ): देश में पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों को लेकर मोदी सरकार विरोधियों के निशाने पर है। पिछले पांच सालों में देश में सबसे महंगा पेट्रोल डीजल मिल रहा है।ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल ने पेट्रोलियम पदार्थों को गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के दायरे में लाने की मांग की है।इंडियन ऑयल के चेयरमैन संजीव सिंह ने तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी को लेकर कहा, 'तेल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए हमें सरकार से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। हमने बीते करीब 19 दिनों तक तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोके रखा था। सरकार को जितने भी पेट्रोलियम पदार्थ हैं उन्हें जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।'जब इंडियन ऑयल के चेयरमैन से कर्नाटक में चुनाव के दौरान हर रोज तेल की कीमत निर्धारित नहीं होने को लेकर सवाल पूछा गए तो उन्होंने कहा, 'सरकार ने हमें आजादी दे रखी है कि हम हर दिन तेल की कीमत को तय कर सकते हैं। लेकिन हमने फैसला किया कि चुनाव के दौरान हम तेल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं करेंगे।गौरतलब है कि तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज तेल कंपनियों के साथ शाम में अहम बैठक होनी थी, लेकिन वह बैठक नहीं हुई।बता दें कि मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमते 76.87 रुपए प्रति लीटर हो गई, जबकि मुंबई में पेट्रोल की कीमत 84.70 रुपए प्रति लीटर हो गई। दिल्ली में डीजल का भाव 68.08 पैसे प्रति लीटर हो गया।

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