भिखारी से लेकर अमीर तक, हर भारतीय है 44 हजार का कर्जदार

नई दिल्ली (23 जून): शायद आप इस खबर को पढ़कर थोड़े हैरान जरूर होंगे, क्‍योंकि बहुत से ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी में कभी कर्ज नहीं लिया होगा। इस खबर को पढ़ने के बाद उन्हें यह मालूम हो जाएगा कि वह मानें या नहीं लेकिन वह भी 44095 रुपये के कर्जदार है।

अब हम आपको बताते हैं ऐसा क्‍यों: आपने विश्‍व बैंक का नाम तो सुना होगा, अगर नहीं सुना तो हम आपको बता दें कि यह बैंक विश्‍व दुनिया के सभी देशों को ऋण मुहैया कराता है। इसका काम हैं कि दुनिया में किसी भी देश में कोई आपदा या किसी भी तरह की समस्या हो तो उसे आर्थिक रूप से मदद की जाए। हालांकि उस देश को बाद में यह ऋण ब्याज के साथ वापस भी करना होता है।

विश्‍व बैंक ने ऐसा ही कुछ ऋण भारत को भी दिया है। विश्‍व बैंक से ऋण लेने वाले विकाशील देशों की सूची में भारत चौथे पायदान पर है। भारत सरकार के खाते में घरेलू ऋणों के ब्याज भुगतान पर 2012-13 में 4.04 लाख करोड़, 2013-14 में 4.85 लाख करोड़, 2014-15 में 5.56 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके हिसाब से भारत के हर नागरिक पर विश्‍व बैंक के 44095 रुपये का कर्ज है।