"तीन तलाक पर कानून में बदलाव नहीं सुधार की जरूरत"

नई दिल्ली (16 अप्रैल): ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में तीन तलाक से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि तीन तलाक पर गलतफहमी पैदी हुई हैं। तलाक तो महिला की सुरक्षा के लिहाज है। इस मामले में हमें खुद सामने आने की जरूरत है।


इसके अलावा कहा गया कि इस मामले में कोई गलती कर रहा है तो कानून में बदलाव की जरुरत नहीं उसे सुधारने की जरूरत है। इसके अलावा पति-पत्नी के झगड़े को लेकर कोड ओफ कंडक्ट जारी किया जाना है, जिसे जुमे की नमाज़ में पढ़ा जाएगा। इसी के साथ मुस्लिम महिलाओं को दहेज़ ना देकर ज़ायदाद में हिस्सा दिया जाए।


ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि हम लोग तलाक़ के मामले को शरिया के माध्यम से देखेंगे। जब कोर्ट का फैसला आएग तब देखा जाएगा। जो सुप्रीम कोर्ट के बारे में कहा है कि जो राम मंदिर मामले में कोर्ट का फैसला मानेंगे। वहीं तीन तलाक़ मामले में कोई गलत करेगा उसका सामाजिक बहिष्कार होगा।