तीन तलाक पर SC के फैसले पर पर्सनल लॉ बोर्ड बोला- शरीयत में दखल बर्दाश्त नहीं

भोपाल(11 सितंबर): तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा के लिए हुई बैठक में आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि वह शरीयत में दखल बर्दाश्त नहीं करेगा। बोर्ड ने माना कि तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) गुनाह और शर्मनाक है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हम खुश नहीं हैं।

-  यह एक तरह से हमारी धार्मिक भावनाओं पर चोट है। रविवार को आठ घंटे तक चली इस बैठक में कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। 

- हालांकि, बोर्ड ने 10 मेंबर एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिव्यू पिटीशन दाखिल की जाएगी या नहीं इस सवाल का सीधा जवाब देने की बजाय वर्किंग कमेटी मेंबर असमा जोहरा ने कहा कि पहले कमेटी तो बन जाए। 

- असमा जोहरा ने कहा कि हम तीन तलाक के हिमायती नहीं हैं। इस्लाम भी इसे पसंद नहीं करता है। यह तरीका न बढ़े, इसके लिए देशभर में बोर्ड की महिला इकाइयां काम करेंगी। 

- उन्होंने दावा किया कि 12 साल पहले बोर्ड की भोपाल में हुई बैठक में जो मॉडल निकाहनामा अपनाया गया था, उसके अच्छे नतीजे मिले हैं। ऐसे मामले हमारे सामने आने पर हम काउंसलिंग के जरिए उसका हल तलाशते हैं।