अली असगर और सुनील ग्रोवर ने बताया- 'दादी' और 'गुत्थी' बना देखकर क्या बीतती है उनके बच्चों पर

नई दिल्ली (22 मार्च) :  कपिल के शो की गुत्थी (सुनील ग्रोवर) हों या दादी (अली असगर) या फिर पलक (कीकू शारदा)। इन सभी ने शो में महिला किरदार निभाकर पूरे देश में खूब वाहवाही लूटी। लेकिन प्रसिद्धि के लिए कुछ कीमत भी चुकानी पड़ती हैं। दर्शकों का खूब मनोरंजन बेशक होता हो लेकिन इन एक्टर्स के बच्चों को उन्हें महिला के किरदार में देखकर कैसा लगता होगा, इस पर कम लोगों का ही ध्यान जाता होगा।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक अली असगर और सुनील ग्रोवर का कहना है कि उनके प्रोफेशन की पसंद को लेकर बच्चों की अच्छी राय नहीं है।

अली असगर ने कहा, 'मेरे बच्चे- बेटा और बेटी, इस तरह के मेरे किरदारों को बिल्कुल पसंद नहीं करते। वो मेरे साथ बाहर जाने में भी झिझकते हैं क्योंकि लोग मुझे देखते ही 'दादी, दादी' चिल्लाना शुरू कर देते हैं। स्कूल में भी मेरे बच्चों को दूसरे बच्चे इशारा करके कहते हैं- 'इसका बाप तो बसंती है।' (कॉमेडी सर्कस में अली असगर का निभाया एक किरदार)।

असगर ने बताया कि उनका बेटा कहता है, 'आप को कुछ और आता नहीं है क्या। आप हमेशा यही सब करते हो।'  असगर के मुताबिक वो बेटे को समझाने की कोशिश करते हैं कि ये उनका काम है तो वो कहता है छोड़ दो ये सब।

सुनील ग्रोवर की भी यही कहानी है। सुनील कहते हैं, 'मेरा बेटा मोहन 6 साल का है। पहले वो जब मुझे कॉमेडी नाइट्स में देखता था तो उसे बड़ा अजीब लगता था। बिल्डिंग के कुछ नीचे के लड़के उसे छेड़ते थे कि ओए तेरे पापा तो लड़की बनते हैं।'  सुनील के मुताबिक उनका बेटा उन्हें लड़की बनने से मना करता है।  

फिर एक दिन सुनील ने इस बारे में कुछ करने का सोचा। सुनील के मुताबिक वो अपने बेटे को एक मॉल में ले गए। वहां लोगों की उनके साथ फोटो और ऑटोग्राफ्स लेने वालों की भीड़ लग गई। सुनील ने बताया कि उनका बेटा देखकर हैरान था कि उसके पापा कितने लोकप्रिय हैं। इसके बाद सुनील ने बेटे को बताया कि वो आज जो कुछ भी हैं वो 'गुत्थी' के किरदार की वजह से ही हैं। सुनील के मुताबिक उन्हें अपने बेटे का हीरो होने पर गर्व है भले ही उन्हें हीरोइन का रोल निभाना पड़ता है।