यूपी में दूसरी फतह की तैयारी के लिए अखिलेश करेंगे 'हाइटेक' रथयात्रा

अशोक तिवारी, नई दिल्ली (5 जुलाई): यूपी का महाभारत फिर से जीतने के लिए अब अखिलेश यादव रथ पर सवार होने का जा रहे हैं। अखिलेश का रथ इस बार काफी हाईटेक होगा और मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए इसे बुलेटप्रूफ बनाया जाएगा। मुलायम सिंह यादव 12 सितंबर को हरी झंडी दिखा कर अखिलेश के रथ को रवाना करेंगे। 

रथ यात्रा का फायदा अखिलेश यादव अच्छी तरह जानते हैं। करीब 5 साल पहले समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाने के लिए अखिलेश ने जमकर साइकिल का पैडल मारा, ये तस्वीरें उसी दौर की हैं। अब अखिलेश सूबे के मुख्यमंत्री हैं और सामने खड़ी से सत्ता में दोबारा वापस आने की चुनौती। अब फिर से अखिलेश विकास रथ लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं। 

समाजवादी विकास रथ पर सवार होकर अखिलेश यादव यूपी के हर हिस्से में जाएंगे। उनकी योजना करीब 300 जनसभाओं को संबोधित करने की है। अखिलेश के भाषणों में न सिर्फ स्थानीय स्तर पर किए गए कामों का जिक्र होगा बल्कि उन फ्लैगशिप योजनाओं का भी जिक्र होगा, जिनकी नकल दूसरे राज्यों ने किया। मुख्यमंत्री के समाजवादी विकास रथ का रूट अब तक तय नहीं है। लेकिन, सितंबर से होनेवाली इस यात्रा के लिए हाईटेक तैयार करने का काम शुरू हो गया है।

न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, एक हाईटेक बस को रथ की शक्ल दी जाएगी। रथ में ही सीएम का एक छोटा ऑफिस होगा। वाईफाई की सुविधा के साथ कई दूसरी सुविधाएं होंगी। विकास रथ में ही रेस्ट रूम और वाशरूम भी होगा। बस में हाइड्रोलिक लिफ्ट भी लगाई जाएगी। लिफ्ट से सीएम बस की छत पर चढ़ कर लोगों को संबोधित करेंगे। एक दिन में 4-5 जनसभाओं को संबोधित करने की योजना। सूबे के सभी 75 जिलों में पहुंचने की योजना है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी पूरे सूबे में चेतना यात्रा निकाल चुकी है। समाजवादी विकास रथ से सूबे के लोगों को विकास के कामों की झांकी दिखाई जाएगी, अखिलेश जानते हैं कि उनके सामने इस बार चुनौती बड़ी है। पूर्वांचल में बीजेपी की ताकत बढ़ी है। ऐसे में वो अपने काम को जनता के बीच पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। विरोधी पार्टियों का कहना है कि अखिलेश के विकास रथ से कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।

समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया है कि 2017 विधानसभा चुनाव में मुद्दा विकास है और चेहरा अखिलेश यादव।