चाचा शिवपाल को पूरा सहयोग दूंगा: अखिलेश

नई दिल्ली(17 सितंबर): समाजवादी पार्टी में अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच छिड़ी जंग का शनिवार को पटाक्षेप होता दिखा। अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल को पीडब्ल्यूडी छोड़ कुल 13 विभाग सौंप दिए और गायत्री प्रजापति को दोबारा कैबिनेट में शामिल कर लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री अपने चाचा शिवपाल के घर पर चाय के लिए पहुंचे। इस पूरी कवायद को दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के तौर पर देखा जा रहा है। शिवपाल से मुलाकात के बाद लौटे अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान वह काफी सहज और खुश दिखे।

अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं नए बने प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देता हूं, आप लोग भी दीजिए। उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली है, मेरा समर्थन उनके साथ है। अखिलेश ने कहा कि हम सभी एक हैं और पार्टी में कोई झगड़ा नहीं है। सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव का फैसला सर्वमान्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं समाजवादी पार्टी की यूथ विंग का प्रभारी हूं। हम युवा पार्टी हैं और मैं अपील करता हूं कि आप लोग जनता के पास जाएं और अपनी उपलब्धियां गिनाने को कहा। सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि यह चुनाव मेरी परीक्षा है और मुझे यह तय करने का अधिकार मिलना ही चाहिए कि प्रत्याशी कौन होंगे।

समाजवादी एक साथ नहीं रहते, यह कहना गलत है अखिलेश ने कहा कि अपने बारे में समाजवादी कहते हैं कि ज्यादा दिन ये लोग एक साथ नहीं रहते। मैं आपको बता दूं कि समाजवादी लड़ते भी हैं और साथ भी रहते हैं। हमें पता है कि देश और समाज के सामने क्या चुनौतियां हैं। चुनाव के लिए बहुत कम बचा है, लोगों को अपनी उपलब्धियां बतानी होंगी। मैं अध्यक्ष जी को बधाई देना चाहता हूं कि उन्हें जिम्मेदारी मिली है। कभी नेताजी ने मुझे यूथ को राष्ट्रीय प्रभारी बनाया था, अब मुझे मेरी यह पुरानी और पसंद की चीज मिल गई है।

सरकार की उपलब्धियां गिनाईं मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि नौजवानों की परीक्षा होने जा रही है। जितनी नौकरियां हमने निकाली हैं, उतनी किसी ने नहीं दीं। हमें अभी और काम करना है। कौन जानता था कि बुंदेलखंड में सोलर पैनल लगेगा, एचसीएल लखनऊ में आया। गुजरात के लोगों के आने से पहले लखनऊ यूपी में आ गया। किसानों को ओलावृष्टि के नुकसान में बड़ी मदद की। अनुपूरक बजट में किसानों के लिए मदद राशि की व्यवस्था की। लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद की मेट्रो, समाजवादी पेंशन हमारे घोषणा पत्र में नहीं थी, लेकिन ये बड़े प्रॉजेक्ट भी शुरू किए गए।