अखिलेश ने खेला एक और मास्टर स्ट्रोक, बैकफुट पर शिवपाल

नई दिल्ली (14 सितंबर): चाचा और भतीजे के बीच चल रही सियासी उठापटक में अखिलेश यादव ने एक और मास्टर स्ट्रोक खेला है। अखिलेश ने ऐलान किया है कि सरकार 3 अक्टूबर से रथयात्रा निकालेंगे, जिसका नाम 'विकास से विजय की ओर' होगा। इससे पहले शिवपाल यादव ने आज कहा था कि जनता के बीच जायेंगे। लेकिन अखिलेश ने शिवपाल से पहले ही कार्यक्रम तय कर चाचा को पीछे छोड़ दिया।

वहीं दिल्ली में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के बीच मुलाकात हो रही है। मुलायम के घर पर हो रही ये मुलाकात एक घंटे से जारी है। शिवपाल के साथ मुलायम से मिलने शिवपाल के बेटे आदित्य यादव भी पहुंचे हैं। 2017 चुनाव से पहले ही मुलायम कुनबे में महाभारत छिड़ा हुआ है। इस कलह पर आज शिवपाल यादव और सीएम अखिलेश यादव दोनों मीडिया के सामने आए। अपने इस्तीफे के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि जो भी फैसला लूंगा, नेता जी से बात करने के बाद ही लूंगा। वहीं सीएम अखिलेश ने कहा कि मैंने जो भी फैसला किया है, वो सब नेता जी के कहने पर किया है।

आपको बता दें कि सीएम अखिलेश ने पहले दो मंत्रियों और फिर शिवपाल के करीबी चीफ सेक्रटरी दीपक सिंघल को हटा दिया था। इसके बाद से शिवपाल नाराज हो गए थे। इसके बाद मुलायम ने शिवपाल को यूपी में पार्टी का अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया था। लेकिन मंगलवार शाम को अखिलेश ने शिवपाल से राजस्व, सिंचाई और पीडब्लूयडी जैसे बड़े विभाग छीन लिए। इसी बात से शिवपाल यादव नाखुश हैं। वो दिल्ली में पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे हैं।

शिवपाल ने कहा... - मंत्रियों और मुख्य सचिव को हटाने के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि ये तो सीएम का अधिकार है। - शिवपाल ने ये भी कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी ईमादारी से निभाऊंगा। - शिवपाल से जब ये पूछा गया कि ताजा हालात में वो किसके साथ हैं सरकार के या पार्टी के तो उन्होंने साफ किया वो नेता जी और पार्टी के साथ हैं।

अखिलेश ने कहा... - अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ फैसले मैंने नेता जी के कहने पर किए, तो कुछ अपनी मर्जी से। - अखिलेश इस बात से नाराज हैं कि सरकार और पार्टी में बाहरी लोग दखल दे रहे हैं। जब बाहर के लोग दखल देंगे, तो कैसे चलेगा। - अखिलेश का कहना है कि ये परिवार का झगड़ा नहीं बल्कि सरकार का झगड़ा है।