मुलायम भी नहीं सुलझा पाए परिवार का झगड़ा?

मानस श्रीवास्तव/प्रशांत गुप्ता/रमन कुमार, लखनऊ (14 सितंबर): लखनऊ से दिल्ली तक मुलायम परिवार की हालत दौड़ा-दौड़ा भागा-भागा वाली रही। चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश में तनातनी ऐसी हुई कि 24 घंटे बाद भी मुलायम सिंह अपने परिवार का झगड़ा नहीं सुलझा पाए? समाजवादियों की सांस फूली रही कि अब क्या होगा, तब क्या होगा? दिल्ली जाएं या लखनऊ। अखिलेश की सुने या शिवपाल की।

अखिलेश और शिवपाल में तनातनी कोई नई बात नहीं है। लेकिन चाचा-भतीजे के बीच इस बार बात कुछ ज्यादा बिगड़ गई। समाजवादी कुनबे में कलह को समझने के लिए चलते हैं मुलायम के गांव सैफई।

सुबह 10 बजे, सैफई: सैफई में अपने समर्थकों के बीच शिवपाल यादव पहुंचे। उन्हें कल ही समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव की जगह प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी, जिसके बाद अखिलेश ने शिवपाल से सभी अहम मंत्रालय छीन लिए। शिवपाल ने अपनी 11 मिनट की बात में 27 बार नेताजी का नाम लिया, लेकिन एक बार भी अखिलेश का नाम नहीं लिया।

सुबह 10 बजे, लखनऊ: जब सैफई में शिवपाल अपने दिल की बात कर रहे थे। ठीक उसी समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुलायम सिंह के बंगले से निकल कर सीधे अपने सरकारी आवास 5 कालीदास मार्ग पहुंचे। बगैर किसी से मिले अखिलेश सीधे अपने कमरे में चले गए। किसी से कोई मुलाकात नहीं की।

सुबह 11 बजे, लखनऊ: अखिलेश ने अपनी टीम के कुछ नेताओं और अफसरों से मौजूदा हालात पर बात की और आज के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए।

सुबह 11 बजे लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग पर मुलायम सिंह के बंगले में अखिलेश और शिवपाल के साथ बैठक होनी थी, लेकिन अखिलेश यादव के रूख को देखते हुए मुलायम सिंह ने शिवपाल को दिल्ली बुला लिया।

12 बजे, लखनऊ: शिवपाल के दिल्ली रवाना होने से पहले ही लखनऊ में अखिलेश यादव ने मीडिया से कहा कि जो कुछ किया नेताजी के कहने से किया, लेकिन ये भी संदेश दे दिया कि वो फैसले अपने मन से भी करते हैं।

अखिलेश ने ऐसे राजनीतिक झंझवात के बीच भी विकास योजनाओ की लांचिग कर अपने विरोधियों के संदेश देने की कोशिश की कि वो अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटेंगे। उधर, दिल्ली से लखनऊ तक अटकलें लगाई जाने लगीं कि आखिर समाजवादी परिवार में कौन बाहरी हस्तक्षेप कर रहा है?

शिवपाल सिंह यादव चार्टर प्लेन से दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली लैंड करने के बाद शिवपाल सीधे नेताजी यानी मुलायम सिंह के घर पहुंचे। अपने दिल का दर्द छिपाते हुए शिवपाल ने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं।

दोपहर 2 बजे, दिल्ली (मुलायम सिंह का घर) मुलायम सिंह के घर पर मीटिंग शुरू हुई। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सिपाही बंगले के भीतर का तापमान मापने में लगे थे। ऊंची पोजिशन से भीतर की ख़बरे निकालने की की कोशिश होती रहीं। इस बीच गाड़िया अंदर-बाहर आती-जाती रहीं।

दोपहर 3.30 बजे, लखनऊ: जब दिल्ली में मुलायम सिंह यादव कुनबे का कलह शांत करने का मंत्र खोज रहे थे। ठीक उसी समय अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि 3 अक्टूबर से वो समाजवादी विकास रथ यात्रा निकालेंगे। मलतब, चाचा के जनता के बीच जाने के ऐलान से पहले ही भतीजे ने बड़ा दांव चल दिया।

शाम 4 बजे, दिल्ली: करीब 2 घंटे की लंबी मीटिंग के बाद शिवपाल थोड़ी देर के लिए बाहर निकले। कुछ लोगों को फोन घुमाया और फिर अंदर चले गए। मीटिंग का एक और मैराथन दौर शुरू हो गया। करीब 6 बजे तक मीटिंग चलती रही। शिवपाल नेताजी के घर से बाहर निकल आए, लेकिन चेहरा बता रहा था कि मीटिंग से कुछ खास नहीं निकला। उधर, लखनऊ में दांव-पेंच चलता रहा।

मुलायम के भाई रामगोपाल यादव सैफई में हैं। अक्सर मीडिया से बात करने वाले रामगोपाल बिल्कुल चुप हैं। सूत्रों से न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, मुलायम ने अखिलेश से भी बात की। लेकिन मुख्यमंत्री बेटे ने साफ-साफ कह दिया कि वो अपने फैसले से किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे? उधर, शिवपाल के मन की बात मुलायम अच्छी तरह जानते हैं। शायद, इसीलिए बेटा और भाई के बीच झगड़े में मुलायम कोई बीच का रास्ता नहीं निकाल पा रहे हैं?