अखिलेश Vs शिवपाल... जीतेगा कौन?

लखनऊ (16 अगस्त): एक तरफ यूपी में 2017 के होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सभी पार्टियां लगी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार में सब कुछ ठीक न होना। परिवार की लड़ाई अब बाहर आ चुकी है ये सब जानते है।

शिवपाल ने इस्तीफा की धमकी देते हुए कहा था कि ‘अधिकारी मेरी बात नहीं सुनते और मेरे आदेशों की अनदेखी करते हैं,’ ठीक एक दिन बाद उनके बड़े भाई मुलायम सिंह यादव ने अपने छोटे भाई का यह कहते हुए बचाव किया कि वे एक मंत्री हैं जो कुछ अच्छा काम करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी बात बिल्कुल सही है।

डैमेज कंट्रोल में जुटे मुलायम, कहा- 'शिवपाल ने पार्टी छोड़ी तो सब बिखर जाएगा' मैनपुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपनी ही सरकार पर जमकर बरसे थे। शिवपाल ने कहा, 'हमने पहली बार प्रदेश में अपने बूते पर सरकार बनाई है, लेकिन पार्टी के ही अपने कई नेता इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। यहां तक कि इंजीनियर और अधिकारी भी मेरे आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। अगर भ्रष्टाचार और अवज्ञा जारी रहा तो मैं मंत्रीपद से इस्तीफा देकर पार्टी के लिये काम करने लगूंगा।' शिवपाल इस चुनावी वर्ष में पार्टी के राज्य प्रभारी हैं।

अवैध धंधे करने वालों पर होगी कार्रवाई... वे यहीं नहीं रुके और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी आड़े हाथों लिया। बोले, अवैध धंधे करने वाले और शराब बेचने वालों की सूची बनाई जा रही है। इन लोगों पर जल्द कार्रवाई होगी। सपा ने सारे वादे पूरे किए लेकिन फिर भी कुछ लोगों की वजह से जनता परेशान है। भले ही उन्हें इस्तीफा देना पड़े लेकिन ऐसे लोगों को सबक जरूर सिखाया जाएगा।

मुलायम ने लगाई इस्तीफा पर रोक... समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के इस्तीफे की खबरों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा, पार्टी में शिवराज के खिलाफ साजिश की जा रही है। कुछ लोग उनके पीछे पड़े हुए हैं। मैंने उन्हें इस्तीफा देने से रोक लिया है, अगर वह पार्टी छोड़ देंगे तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी।

सपा के यूपी प्रभारी भी हैं शिवपाल... मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष है। उनके बड़े बेटे अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सीएम है और पार्टी के यूपी अध्यक्ष भी। मुलायम के सबसे छोटे भाई शिवपाल यादव राज्य के सबसे ताकतवर मंत्री है और पार्टी के यूपी प्रभारी भी हैं। मुलायम के चचेरे भाई रामगोपाल यादव राज्यसभा के सांसद है और पार्टी के महासचिव। जिस दिन अखिलेश मुख्यमंत्री बने उसी दिन से झगड़ा शुरू हो गया। किसी ना किसी बहाने। कभी अफसरों की तैनाती को लेकर तो कभी किसी नेता को सरकार या पार्टी में पद देने पर। एक दो मौकों को छोड़कर रामगोपाल और अखिलेश एक साथ रहे जबकि शिवपाल दूसरे खेमे की अगुवाई करते रहे।