'अखिलेश यादव की पार्टी का चुनाव चिन्ह होगा मोटरसाईकिल'

नई दिल्ली (5 जनवरी): सूबे के वर्तमान सीएम अखिलेश यादव और उनके पिता में छिड़ी रार ने अब नया रुख अख्तियार कर लिया है. अब समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर खिचातानी चल रहा है। दोनों दिग्गज यानी कि मुलायम और अखिलेश ने चुनाव आयोग के सामने साइकिल छाप को लेकर अपना अपना पक्ष रखा है। दरअसल दोनों में होड़ मची है कि साइकिल चुनाव चिन्ह के रूप में हमे मिले तो हमे मिले। भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त के.जे. राव ने कहा है कि अगर अखिलेश और मुलायम के बीच सपा का चुनाव चिन्ह लेने के लिए होड़ मचती है तो आयोग इसे फ्रीज कर देगा। 


अखिलेश समर्थकों का सपा के बैनर तले चुनाव लडऩे के सवाल पर के.जे. राव का कहना है कि यह बहुत ही मुश्किल है। उन्होंने कहा है कि अगर किसी पार्टी का एकाध नेता अलग होकर दूसरी पार्टी से चुनाव में उतरता है तो आयोग इसकी इजाजत दे सकता है, लेकिन अगर बहुत सारे नेता एक साथ किसी पार्टी को तोड़कर किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं और उसके चुनाव चिन्ह का प्रयोग करते हैं तो आयोग इस पर आपत्ति जता सकता है।अखिलेश के करीबियों का कहना है कि अगर चुनाव आयोग साइकिल चुनाव चिन्ह के रूप में नही देता है तो इसबार साइकिल के बजाय मोटरसाइकिल को अपना निशान बना सकते है. सीएम ने करीबियों के साथ मीटिंग के दौरान कहा था कि वह युवा नेतृत्व के प्रतीक है ऐसे में मोटरसाइकिल के रूप में चुनाव चिन्ह जमता है. ऐसे में साइकिल का लेटेस्ट अपडेट वर्जन मोटरसाइकिल उनके लिए अच्छा विकल्प है।