सपा कार्यालय में अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष की लगी नेमप्लेट

नई दिल्ली ( 16 जनवरी ): साइकिल की सवारी करने को सपा में किस खेमे को मिलेगी यह फैसला जल्द ही आ सकता है। बेटे अखिलेश यादव के प्रति कभी नरम कभी गरम रुख दिखा रहे मुलायम सिंह यादव सोमवार को अखिलेश पर हमलावर रहे। एक तरफ कार्यकर्ता और उम्मीदवार उलझन में हैं कि किसे पार्टी की हाईकमान माना जाए वहीं पार्टी कार्यालय के बाहर लगी नेमप्लेट्स इस उलझन को और बढ़ा रही है।

नए साल के पहले दिन लोहिया मैदान में रामगोपाल यादव और अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुए अधिवेशन में अखिलेश को पार्टी अध्यक्ष घोषित किया गया था। हालांकि मुलायम खेमे ने इस अधिवेशन को वैध मानने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि इसमें तात्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम मौजूद नहीं थे। पार्टी कार्यालय के बाहर लगी नई नेमप्लेट में अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष लिखा हुआ है। हालांकि उसके ऊपर मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष की नेमप्लेट अभी हटी नहीं है।

मामला भले ही चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार कर रहा हो, लेकिन कोई भी खेमा अपनी दावेदारी मजबूत करने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहता। पार्टी कार्यालय में लगी नई नेमप्लेट उसी का एक उदाहरण है। परिवार की अंर्तकलह मानी जा रही लड़ाई अब ऐसे चरण में पहुंच चुकी है जहां से समझौते की राह और मुश्किल लगने लगी है। सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए मुलायम सिंह ने अखिलेश पर तीखे हमले किए। वह कहने से भी नहीं चूके कि अगर अखिलेश नहीं मानेगा तो वह बेटे के खिलाफ भी लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश की छवि मुस्लिम विरोधी है।