अखिलेश ने मंत्रियों को दिए विभाग, बढ़ा गायत्री प्रजापति और शिवकांत ओझा का कद

अशोक तिवारी, लखनऊ (1 अक्टूबर): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्रिमंडल के आठवें विस्तार के बाद पांचवें दिन मंत्रियों को विभाग बांट दिए है। विभाग बंटवारे में सबसे ख़ास बात ये रही कि अवैध खनन के मामले में आरोपी रहे मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति का कद फिर बढ़ाकर उन्हें परिवहन जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया है। वही बर्खास्त हुए मंत्रियों में पुनः मंत्री बने शिवकांत ओझा को स्वस्थ्य जैसा अहम महकमा देकर कद बढ़ाया गया है।

दरअसल अखिलेश यादव ने बीते 26 सितंबर को अपने मंत्रिमंडल का आठवां विस्तार किया था। इस विस्तार में ना सिर्फ बर्खास्त हुए कई मंत्रियों की वापसी की गई थी, बल्कि कई राज्य मंत्रियों का प्रमोशन देकर जातीय संतुलन साधने की कवायद भी हुई थी। खास बात ये भी रही कि अवैध खनन में आरोपी मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को एक बार फिर महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। गायत्री को परिवहन विभाग दिया गया है। ठीक उसी तरह मंत्रिमंडल से बर्खास्त मंत्रियों शिवकांत ओझा को अहम स्वस्थ्य महकमा मिला है तो बर्खास्तगी के बाद फिर मंत्री बने मनोज पांडेय को एलोक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का जिम्मा सौंप गया है। यही नहीं पहले से मंत्रिमंडल में शामिल महबूब अली के विभाग में बढ़ोत्तरी करते हुए उन्हें लघु सिंचाई का अतिरिक्त कार्यभार सौंप गया है।

इसी के साथ बलिया से मंत्रिमंडल में शामिल हुए जियाउद्दीन रिजवी को पशुधन विभाग, बहराइच से मंत्री यासर शाह को कर एवं निबंधन (व्यापार कर) विभाग, पीलीभीत से रियाज अहमद को मत्स्य एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा को परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग, सीतापुर से नरेन्द्र वर्मा को गन्ना विकास एवं चीनी मिलें विभाग, शंखलाल मांझी को समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग और अभिषेक मिश्रा को व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग आवंटित किया है।

बहरहाल सबसे ख़ास बात ये भी रही की इस विभाग बंटवारे में रूठों को मनाने के साथ कई मंत्रियों को पहले का ही जिम्मा सौंप गया है। अखिलेश मुलायम ने मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर विभाग बंटवारे तक सबकोई संतुष्ट करने की कोशिश की है।