बनारस में साधु-संत और अखिलेश सरकार आमने-सामने, मूर्ति विसर्जन को लेकर तनाव

नई दिल्ली (10 सितंबर): वाराणसी में एक बार फिर साधू संत और जिला प्रशासन गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर आमने सामने है। जहां काशी के संतो ने प्रदेश सरकार और सूबे के मंत्री आजम खान पर बड़ा हमला बोलते हुए वादाखिलाफी का आरोप लगाया और प्रदेश सरकार के मुखिया अखिलेश यादव को इशारों मे  जनरल डायर की उपाधि दे दी।

पिछले वर्ष 22 सितंबर 2015 को प्रतिमा विसर्जन को ले कर संतो पर हुए लाठी चार्ज और रासुका लगाने को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ काशी के संत लामबंद हो गये थे। बहुसंख्यक समाज की नाराजगी को खत्म करने के लिये प्रदेश के दो बड़े मंत्री शिवपाल सिंह यादव और आजम खान ने श्री विद्या मठ में आकर आश्वासन दिया था कि सरकार जल्द से जल्द हाईकोर्ट मे प्रतिमा विसर्जन को लेकर अपना जवाब दाखिल करेगी और गंगा नदी में प्रतिमा विसर्जन को लेकर कोई हल निकाला जायेगा लेकिन लखनऊ मे कई चक्र की वार्ता के बाद भी परिस्थतियां पिछले वर्ष की तरह ही हैं।

वही पाताल पुरी के बाबा बालक दास ने पिछले वर्ष 22 सितंबर 2015 को गोदौलिया चौराहे पर संतो पर हुए लाठीचार्ज के विरोध मे काला दिवस मनाने की घोषणा की  और जिला प्रशासन का कहना है की कोर्ट और शासन से कोई निर्देश नही मिला है पिछले साल की ही परिस्थिति है लिहाजा गंगा में मूर्ति विसर्जन नहीं करने दिया जाएगा।