नोटबंदी में बैंक की क़तार में जन्में बच्चे 'खजांची' का अखिलेश यादव ने मनाया जन्मदिन

इटावा (4 दिसंबर): पिछले साल हुई नोटबंदी के दौरान एक गर्भवती महिला बैंक से रुपए निकालने आई थी। तभी उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और दर्द से तड़पती हुई वह जमीन पर गिर पड़ीं। बाद में वहीं बैंक की सीढ़ियों पर उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसका नाम खजांची रखा गया। 

अब खजांची एक साल का हो गया है और इस मौके पर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने 'खंजाची' का पहला जन्मदिन मनाया। रविवार को अखिलेश यादव ने अपने पैतृक गांव सैफई में खंजाची के पूरे परिवार को बुलाकर न सिर्फ जन्मदिन मनाया बल्कि उसका स्वास्थ्य परिक्षण भी कराया।

आपको बता दें कि नोटबंदी के दौरान खजांची की मां बैंक से रुपये निकालने गई थी। तभी उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और दर्द से तड़पती हुई वह जमीन पर गिर पड़ीं। बाद में वहीं बैंक की सीढ़ियों पर उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसका नाम खजांची रखा गया। 

नोटबंदी में बैंक की क़तार में जन्मा ‘ख़ज़ांची’ एक साल का हो गया, लेकिन उसके घरवालों का खाता आज भी ख़ाली है. वो काला धन वापस आने की झूठी उम्मीदों की क़तार में आज भी खड़े हैं. वो ग़रीब-भोले लोग तो ये भी नहीं जानते कि “राजनीतिक जुमला” किसे कहते हैं. pic.twitter.com/c15VjlBsCi

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 3, 2017

अखिलेश यादव को खजांची की मां ने बताया कि वह कई दिनों से बीमार चल रहा है। इलाज के लिए अब तक वह डॉक्टर को 60 हजार रुपये दे चुकी हैं।अखिलेश ने खजांची का पूरा चेकअप करवाया और उसे दवाएं दिलवाईं। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने 2 लाख रुपये खजांची के भविष्य के लिए दिए थे लेकिन उसमें से 60 हजार रुपये डॉक्टर ले गए। बीजेपी सरकार को चाहिए था कि उनकी सरकार है कम से कम खजांची का इलाज तो फ्री में करवा देते।  

अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने खजांची के परिवार को लोहिया आवास दिया लेकिन बीजेपी सोचे की उसने क्या किया। बीजेपी ने सिर्फ जनता को धोखा दिया है। खजांची और खजांची जैसे गरीब परिवारों को नोटबंदी से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब वह खजांची के गांव का विकास करवाएंगे।