नोटबंदी पर अकाली दल भी तल्ख, कहा- 10 से 15 दिनों कैश की किल्लत को दूर करे सरकार

चंडीगढ़ (16 दिसंबर): नोटबंदी के मुद्दे पर जहां विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा है वहीं उसके सहयोगियों ने भी उसकी मुश्किलें बढ़ा दी है। नोटबंदी के मुद्दे पर शिवसेना पहले से ही सरकार और पीएम मोदी से नाराज चल रही है। वहीं अब नोटबंदी के मसले पर उसके अहम सहयोगी अकली दल के सुर भी बदलने लगे है।

दरअसल फरवरी-मार्च में पांजाब में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है और अकाली दल को डर सता रहा है कि कहीं नोटबंदी की वजह से उसके वोटर ना नाराज हो जाए और सरकार के फिर से सस्ता में वापस लौटने की संभावनाओं पर कोई विपरीत असर पड़े। वहीं बीजेपी का मानना है कि नोटबंदी की वजह से उसे यूपी और पंजाब के चुनावों में फायदा मिलेगा।  

आकाली दल ने पंजाब चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार से 15 दिन में हालात सामान्य करने की अपील की है। अकाली दल का कहना है कि यदि समय रहते लोगों की मुश्किलें खत्म नहीं की गईं तो जनता का धैर्य जवाब दे सकता है और चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर एस. सिरसा ने कहा कि, हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि 10 से 15 दिनों में कैश की किल्लत को दूर किया जाए। लोग समझते हैं कि नोटबंदी का फैसला सही मंशा से लिया गया है,लेकिन उनकी समस्याओं को जल्द दूर किया जाना चाहिए।

अकाली दल का मानना है कि यदि आने वाले 10 से 15 दिनों में यह समस्या खत्म नहीं हुई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। यदि इस ठंड में लोगों को लंबी लाइनों में लगना पड़ेगा तो विपक्षी दल उन्हें भ्रमित कर सकती है।