अजमेर दरगाह दीवान नहीं खाएंगे बीफ, कहा- मुसलमान भी छोड़ें


नई दिल्ली(4 अप्रैल): अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के वंशज और प्रमुख दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने उर्स के मौके पर एलान किया है कि वे बीफ कभी नहीं खाएंगे। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे सब भी बीफ नहीं खाएं।


- अजमेर दरगाह के दीवान ने कहा कि बीफ को लेकर देश में दो समुदायों के बीच पनप रहे वैमनस्य पर विराम देने के लिए सरकार को देश में गोवंश की सभी प्रजातियों के वध और इनके मांस की बिक्री पर व्यापक प्रतिबंध कर देना चाहिए।


- उन्होंने कहा कि मुसलमान को भी इनके वध से खुद को दूर रहकर इसके सेवन को त्यागने की पहल करनी चाहिए। जिससे इस मुल्की मजहबी रवादारी मोहब्बत और सद्भावना फिर से उसी तरह कायम हो सके जैसी सैकड़ों सालों से रही है।


- सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा की केन्द्र सरकार को पूरे देश में गौ हत्या करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान करना चाहिए। ये सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर धर्म को मानने वाले का कर्तव्य है कि वे अपने धर्म के बताए रास्ते पर चलकर पशु-पक्षियों की रक्षा करें।


- उन्होंने कहा कि मैं यह अपील करना चाहता हूं कि किसी भी तरह का जानवर नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग केन्द्र सरकार से की है।