अमित जोगी कांग्रेस से बाहर, पिता अजीत जोगी पर भी तलवार

रायपुर (6 जनवरी) :  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र तथा मरवाही विधायक अमित जोगी को छह वर्ष के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। वहीं अजित जोगी को निलंबित करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को अनुशंसा की गई है। अजीत जोगी कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हैं। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव को लेकर जारी टेप मामले में की गई है। 

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव के टेप के सामने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में अमित जोगी को निलंबित करने का फैसला किया गया। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य अजीत जोगी को निलंबित करने की सिफारिश का प्रस्ताव पारित किया गया।

बघेर के मुताबिक बुधवार को प्रदेश कांग्रेस समिति की बैठक में अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव टेप मामले को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

बघेल ने बताया कि अंतागढ़ उपचुनाव को लेकर आडियो टेप के सामने आने के बाद प्रथम दृष्टि में यह जानकारी मिली है कि इसमें मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनित गुप्ता, अजीत जोगी और अमित जोगी की आवाज है। बघेल ने कहा कि टेप मामले में कांग्रेस ने कार्रवाई कर कर दी है और अब भाजपा को कार्रवाई करना है। अब इस बात का इंतजार है कि इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुख्यमंत्री रमन सिंह पर क्या कार्रवाई करते हैं।

अमित जोगी ने इस फैसले को लेकर कहा कि वह इस फैसले से आहत हैं और यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। जोगी ने कहा कि पार्टी के संविधान में उन्हें इस संबंध में अपील करने का अधिकार है और वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। 

क्या है टेप मामला

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 में हुए अंतागढ़ उपचुनाव को लेकर एक अंग्रेजी अखबार ने एक आडियो टेप जारी किया था। जिसमें कथित तौर पर अजीत जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी, मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनित गुप्ता, जोगी के पूर्व सहयोगी फिरोज सिद्दीकी और एक अन्य सहयोगी अमीन मेमन और कांग्रेस उम्मीदवार जिसने बाद में नाम वापस ले लिया था मंतूराम पवार की आवाज है।

राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के अंतागढ़ उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने मंतूराम पवार को अपना उम्मीदवार बनाया था लेकिन पवार ने बाद में नाम वापस ले लिया था। इससे इस सीट पर कांग्रेस का कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सका था। अखबार द्वारा जारी टेप में अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कथित तौर पर सौदेबाजी का जिक्र है।