अजय देवगन बोले- 5 करोड़ देने के लिए जबरदस्ती नहीं होना चाहिए!

मुंबई(26 अक्टूबर): अभिनेता अजय देवगन ने पाक कलाकारों को बैन करने और जिन-जिन फिल्मों में पाकिस्तानी कलाकार हैं उनके प्रोड्यूसर्स को 5 करोड़ सेना राहत कोष में जमा करने के मुद्दे पर अपनी राय रखी है। क्या पाकिस्तानी कलाकारों को बैन कर देना चाहिए? इस सवाल का जवाब देते हुए अजय देवगन ने कहा, 'हम सब साथ में मिलकर काम करते हैं। एकदूसरे को जानते हैं। हमें मालूम है कि ना यहां से कोई आतंकवादी जा रहा है और ना ही वहां से कोई आतंकवादी आ रहा है।' 

- अजय ने आगे कहा कि मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा संगीत नुसरत फतेह साहब ने ‘कच्चे धागे’ में दिया था। ऐसा हम बिल्कुल नहीं चाहते हैं कि आपस में काम नहीं करें लेकिन कई बार देश के लिए हालात ऐसे हो जाते हैं...कि जैसे कि वे लोग अपने देश के साथ खड़े हैं कि जब तक यह समस्या खत्म नहीं हो जाती है उनके अपने देश के लिए खड़े रहना है और वो लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। जैसे वे खड़े हैं हमें भी खड़े रहना है।

- अजय ने कहा कि मैं चाहता हूं कि यह प्रॉब्लम जितना जल्दी हो सके सॉल्व हो जाए ताकि हम फिर से वापस एकदूसरे के साथ काम कर सकें। ना हम बुरे हैं ना वे बुरे हैं। कई बार हालात एक जैसे नहीं होते हैं।

- जब उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड को राजनीति से दूर रहना चाहिए। अजय ने जवाब देते हुए कहा कि इंडस्ट्री राजनीति से दूर है लेकिन राजनीति इंडस्ट्री से दूर नहीं रहती है तकलीफ यह है। जिन-जिन फिल्मों में पाकिस्तानी कलाकार हैं उनके प्रोड्यूसर्स को 5 करोड़ सेना राहत कोष में जमा करने पर अजय ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। आपके दिल से जो हो करना चाहिए कोई किसी को जबरदस्ती नहीं कर सकता।

-अजय ने ट्वीट कर मीडिया से यह अपील भी किया है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश ना किया जाए।

- बता दें कि अजय ने हाल ही में कहा था कि जब राष्ट्रवाद की बात आती है तो फिल्म उद्योग एकजुट है लेकिन जब बीच में राजनीति घुस जाती है तो यह पूरी तरह ‘‘भयभीत और कमजोर’’ हो जाता है।

- जब उनसे पूछा गया था कि यह राष्ट्रवाद है या डर तो अजय ने कहा, ‘‘दोनों। जब राष्ट्रवाद की बात होती है तो जैसा कि मैंने कहा कि मैं देश के साथ खड़ा हूं जब राजनीति की बात आती है तो उद्योग जगत का व्यक्ति थोड़ा भयभीत हो जाता है। वह भयभीत इसलिए हो जाता है कि अगर आज आप किसी समूह के खिलाफ कोई बात करते हैं तो आपकी फिल्म रोक दी जाती है, कुछ भी हो सकता है।’’

- उन्होंने कहा था, ‘‘जहां तक राजनीति की बात है तो हम काफी चिंतित हैं। जहां राष्ट्रवाद की बात है, मेरा मानना है कि यह (बॉलीवुड) विभाजित नहीं है।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘हम राजनीति से दूर रहना चाहते हैं क्योंकि हम कमजोर हैं। लेकिन जब देश की बात आती है तो मैं वहां खड़ा होता हूं। लेकिन जब राजनीति की बात होती है तो ‘आप डर के चुप हो जाते हो’।’’

-अजय ने कहा था कि समाज की तरह बॉलीवुड भी बंटा हुआ है लेकिन जब धर्म की बात आती है तो फिल्म उद्योग के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है, यह इसकी ‘‘सबसे बड़ी खासियत’’ है।

- उन्होंने कहा था, ‘‘फिल्म उद्योग समाज की तरह बंटा हुआ है। लेकिन जहां तक धर्म की बात है तो यह नहीं है।‘मनोरंजन में धर्म की समस्या आती ही नहीं है’। जो भी राजनीतिक या धार्मिक स्थिति हो, हमारी फिल्मों में काम करने वाले लोग हिंदू, मुस्लिम, पारसी, इसाई हैं।’’

- उन्होंने कहा था, ‘‘हम साथ..साथ ईद और दिवाली मनाते हैं। मैं न केवल अपनी फिल्म इकाई की बात कर रहा हूं बल्कि पूरे फिल्म जगत की बात कर रहा हूं। हमारे सामने यह समस्या (धर्म की) कभी नहीं आई। यह हमारी सबसे बड़ी खासियत है।

-भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने को लेकर जारी विवाद के बीच उन्होंने कहा कि वह पहले भी पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम कर चुके हैं और उनका मानना है कि उन्हें पूरी तरह ‘‘बैन’’ नहीं करना चाहिए।