महंगा होगा हवाई किराया, कंपनियों ने बताई यह वजह

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 जून): मोदी सरकार चाहती है कि देश में ज्यादा से ज्यादा लोग हवाई सफर कर सकें, लेकिन एयरलाइंस कंप‍नियां अब नया तर्क देकर हवाई किराया बढ़ाने की फिराक में लगी हुई हैं। कंपनियों का कहना है कि सरकार की ओर से तैयार ड्राफ्ट ‘न्यू पैंसेजर राइट्स चार्टर’ में टिकट के कैंसिल होने की स्थिति में पूरा रिफंड करने के बाद नुकसान की भरपाई के लिए हवाई किराए में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।   प्राइवेट एयरलाइन के एक एग्जक्यूटिव ने बताया कि यह प्रस्ताव जिनमें बुकिंग के 24 घंटे के अंदर कोई कस्टमर टिकट वापस करता है तो उसे पूरा किराया वापस करना है, यह फैसला प्राइसिंग स्ट्रेटजी को अपसेट करनेवाला है, क्योंकि इसके चलते ही इंडस्ट्री की ओर से कम किराया चार्ज किया जाता है। अगर यही प्रावधान अंतिम समय में भी रहता है तो ऐसी उम्मीद है कि किराए को रिफंड से होने वाले रिवैन्यू नुकसान के चलते बढ़ाना होगा।सरकार का ऐसा अनुमान है कि करीब 7 फीसदी हवाई टिकट भारत में कैंसिल किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि कैंसिल टिकट यात्रा के समय नहीं भरा गया। एक सरकारी अधिकारी सूत्र ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियों का रिफंड से नुकसान को रिकवर करने में उसे 200 से 400 रूपये किराया महंगा करना पड़ता है। 180 सीटों वाले एयरक्राफ्ट जो करीब 5,000 रूपये में टिकट बेचता है अगर उसमें 7 फीसदी टिकट फूल रिफंड के साथ कैंसिल किया जाता है उसके बावजूद 63,000 प्रति फ्लाइट का फायदा होगा।