उत्तराखंड में चीनी घुसपैठ मामले में नया खुलासा

नई दिल्ली (27 जुलाई): उत्तराखंड के चमोली में चीनी सेना की घुसपैठ के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। खबर के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि चीनी हेलिकॉप्टर ने भारत की सीमा के अंदर आकर रेकी की और इलाके की तस्वीरें भी ली होंगी।

यह घुसपैठ उस वक्त की गई जब चीनी सैनिक एक विसैन्यीकृत क्षेत्र में तैनात हो गए और पांच मिनट से ज्यादा समय तक उनका हेलिकॉप्टर भारतीय वायु सीमा में मंडराता रहा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बाराहोती इलाके में 19 जुलाई को हुई इस घटना के बाद भारत का सुरक्षा तंत्र इस क्षेत्र में तिब्बत से सटी 350 किलोमीटर लंबी सीमा के पास की सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा में जुट गया है। दूसरी ओर, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि आईटीबीपी को मामला देखने के लिए कहा गया है। हालांकि किरण रिजिजू ने कहा कि आईटीबीपी के डीजी की ब्रीफिंग के मुताबिक यह कोई 'बड़ी घुसपैठ' की घटना नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को इलाके में तब देखा गया, जब राज्य सरकार के अधिकारी आईटीबीपी के जवानों के साथ बाराहोती मैदान का मुआयना करने गए थे। सूत्रों ने बताया कि चीनी सैनिकों ने अधिकारियों की टीम को वापस भेज दिया। पीएलए के सैनिकों ने दावा किया कि यह उनका इलाका है।

चीनी सैनिक इस इलाके को 'वू-जे' कह रहे थे। बाद में पाया गया कि एक चीनी हेलिकॉप्टर वापस अपने देश की सीमा में जाने से पहले करीब पांच मिनट तक बाराहोती मैदान के ऊपर मंडराता रहा। सूत्रों ने आशंका जताई कि अपने रेकी मिशन के दौरान चीनी हेलिकॉप्टर ने इलाके की तस्वीरें ले ली होंगी। इस हेलिकॉप्टर की पहचान पीएलए के झिबा सीरीज के हमलावर हेलिकॉप्टर के तौर पर की गई।