हवाई यात्रा करने वालों की संख्या बढी, रेलवे एसी में सफर करने वाले हुए कम

नई दिल्ली(30 जनवरी): देश का घरेलू हवाई यात्री यातायात तेजी से विकास कर रहा है। लेकिन वातानुकूलित रेल डिब्बे में यात्रियों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।

- अप्रैल-दिसंबर के दौरान घरेलू उड़ान में जहां 23 फीसद की वृद्धि के साथ हवाई यात्रियों की संख्या करीब 77 मिलियन पहुंच गई है। वहीं रेलवे के वातानुकूलित श्रेणी में 5 फीसद बढ़ोतरी के साथ यात्रियों की संख्या 108 मिलियन से अधिक बनी हुई है।

- हालांकि वातानुकूलित डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या के अनुपात में हवाई यातायात करने वालों की संख्या में 71 फीसद की वृद्धि हुई है, जो हाल के वर्षों में एक रिकार्ड है।

- बताया जा रहा है कि सिर्फ एक साल पहले यह अांकड़ा 60 फीसद के अासपास था। एसी यात्री यातायात के अनुपात में घरेलू हवाई यातायात 2014-15 तक 50 फीसद का अनुमान लगाया गया था।

- भारतीय रेलवे में यात्री किराए के साथ भाड़ा या माल से सब्सिडी दी जाती है। यहां लागत में करीब 57 फीसद कवर किया जाता है। रेलवे में वातानुकूलित कोच तुलनात्मक रूप से कम घाटे में चल रही हैं, हालांकि एसी-तीन श्रेणी की यात्रा लाभ में है।

- नीति आयोग के एक विश्लेषण से पता चला है कि दो साल पहले रेलवे अपनी सामाजिक दायित्व के तहत अपने यात्री कारोबार से अर्जित हर रुपए पर 1.67 रुपये खर्च कर रहा था। लेकिन वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट के कारण जहां हवाई किराए में छूट मिली, वहीं रेलवे ने यात्री सुविधा बढ़ाकर रेल यात्रा अौर आकर्षक बनाया है।