दुनियाभर में वायु प्रदूषण से होने वाली 50% मौतें अकेले भारत और चीन में

नई दिल्ली (19 अप्रैल): वायु प्रदूषण को लेकर अमेरिक के बोस्टन स्थित हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट यानी HEI ने बड़ा खुलासा किया है। HEI की सलाना वैश्विक वायु स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की 95 फीसदी आबादी दूषित हवा में सांस ले रही है और वैश्विक तौर पर प्रदूषण से होने वाली मौतों में 50 फीसदी के लिए चीन और भारत अकेले जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय तक वायु प्रदूषण के प्रभाव में रहने वाला जोखिम 2016 में दुनिया भर में अनुमानित 61 लाख लोगों की मौत का कारण बना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 लाख के आंकड़े के साथ भारत और चीन वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों में शीर्ष पर हैं। चीन ने वायु प्रदूषण घटाने में कुछ प्रगति की थी, लेकिन भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 2010 से वायु प्रदूषण के स्तर में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण विश्वस्तर पर उच्च रक्तचाप, कुपोषण और धूम्रपान के बाद स्वास्थ्य जोखिमों से होने वाली मौतों का चौथा सबसे बड़ा कारण था।

रिपोर्ट के मुताबिक साल 1990 में चीन में प्रदूषण के कारण प्रति एक लाख लोगों पर 146 मौतें हुई थीं। यह घटकर साल 2016 में 80 हो गई है। दूसरी तरफ, भारत में साल 1990 से 2010 के बीच मृत्यु दर लगातार गिरकर 150 से 123 हुई। लेकिन यह दर साल 2010 से 2016 के बीच 6 सालों में बढ़ी।