एयर इंडिया के पायलट ने नेताओं को अच्छे से सुनाया

नई दिल्ली(29 दिसंबर): एयर इंडिया के एक सीनियर पाइलट ने सांसदों की देश के लिए प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया है। इससे ठीक तीन दिन पहले नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा था कि एयर इंडिया के एंप्लॉयीज की कमिटमेंट में कुछ तो कमी है जिसकी वजह से वे प्राइवेट एयरलाइंस से पीछे हैं।

- शुभाशीष मजुमदार नाम के इस पाइलट ने गजपति राजू को एक चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी का टाइटल है 'Lagging In Inspiration, Not Commitment' यानी 'प्रेरणा की कमी है प्रतिबद्धता की नहीं'।

- उन्होंने चिट्ठी में लिखा है,'एयर इंडिया के एक प्रतिबद्ध एंप्लॉयी, ईमानदार टैक्सपेयर और देशभक्त नागरिक होने के नाते मैं बताना चाहूंगा कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों सदनों की कार्यवाही पूरी तरह से असफल रही थी। लोकसभा में काम के 92 घंटे बर्बाद हुए और मुश्किल से कोई काम हो पाया। आपके कलीग्स ने नारे लगाकर, पोस्टर दिखाकर और हंगामे करके सदन की कार्यवाही को पूरी तरह से बाधित किया।'

- चिट्ठी में आगे कहा गया है,'हम एयर इंडिया के एंप्लॉयीज भी यह देखकर बहुत दुखी हैं कि हमारे नेता अभी भी बाकी देशों के नेताओं की तुलना में अपनी प्रतिबद्धता में बहुत पीछे हैं।'

- शुभाशीष मजुमदार ने कहा है कि अगर एयर इंडिया के कर्मचारी सांसदों और नेताओं की तरह व्यवहार करते तो सरकार उन्हें तुरंत बर्खास्त भले न करती, फटकार जरूर लगाती है।

- चिट्ठी में कहा गया है,'इसलिए देश की एयरलाइंस के कर्मचारी और भारत के नागरिक के तौर पर हम उम्मीद करते हैं कि हमारे नेता आत्मनिरीक्षण करेंगे और मिसाल पेश करेंगे।' शुभाशीष एयर इंडिया की लॉन्ग रेंज बोइंग 777 उड़ाते हैं।

- एयर इंडिया के एक दूसरे सीनियर पाइलट ने कहा,'एयरलाइन एक सर्विस इंडस्ट्री है और हमें मंत्री की टिप्पणी को सकारात्मक तौर पर लेना चाहिए। हमें यात्रियों के लिए और ज्यादा सुविधाजनक बनने की कोशिश करनी चाहिए। हालांकि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि गजपति राजू की व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि सामान्य तौर पर हमारे राजनीतिक वर्ग की विश्वसनीयता बहुत कम है। इसलिए जब मंत्री ने हमारे कमिटमेंट पर सवाल उठाए, हममें से बहुत लोग आहत हुए। हम सबने अपने नेताओं की कमिटमेंट भी देखी है।'