'एयर इंडिया को बेचना भी चाहें तो कोई नहीं खरीदेगा'

नई दिल्ली(10 जून): सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू ने गुरुवार को कहा कि एयर इंडिया की माली हालत इतनी खराब है कि अगर उसे बेचना भी चाहें तो कोई नहीं खरीदेगा। राजू ने एयर इंडिया में इन्वेस्टमेंट के आसार को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इसकी हालत थोड़ी सुधरी है लेकिन अभी भी यह भारी भरकम कर्ज के बोझ से दबी हुई है।

राजू ने कहा कि एयर इंडिया पर तकरीबन 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्‍होंने यह भी कहा कि हम टैक्सपेयर्स के पैसों को हमेशा के लिए इस पर खर्च नहीं कर सकते। कर्ज से दबे होने के बावजूद मौजूदा हालात में भी एयर लाइन बिजनेस नहीं कर पा रही है।

बता दें कि 2007 में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के मर्जर के बाद एयर इंडिया की हालत सुधारने के लिए यूपीए सरकार ने 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज दिया था। राजू ने कहा कि मैं दूसरों की तरह एयर इंडिया की इस हालत के लिए किसी को कोसना नहीं चाहता। लेकिन एयर इंडिया को अपने गोल्स को अचीव करने के लिए एक टीम की तरह काम करना होगा।

राजू ने एयर इंडिया की तारीफ करते हुए कहा कि यह बेहद शानदार एयरलाइन है। मैं एयर इंडिया को पसंद करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद हमेशा के लिए इस पर पैसा खर्च करने का भरोसा नहीं दे सकता।

उन्होंने यह माना कि पहले से एयर इंडिया की फाइनेंशियल पोजीशन में थोड़ा सुधार हुआ है। राजू ने कहा कि सिविल एविएशन मार्केट की बढ़ती ग्रोथ के बीच एयर इंडिया के एक्सपैंशन का प्लान भी है। उन्होंने बताया कि अगले 4 साल में 100 नए एयरक्राफ्ट खरीदने का प्लान है। जहां हम टीम की तरह काम कर रहे हैं वहां हमारा आउटपुट बेहतर रहा है। लेकिन जहां टीम वर्क नहीं हो रहा है वहां हम अलग-थलग दिखाई दे रहे हैं। हम जितनी जल्दी इस बात को समझेंगे, हमारे लिए उतना बेहतर होगा, लेकिन कोई भी घड़ी की सुईयों को पीछे नहीं घुमा सकता।