ये दो एयरलाइंस कंपनियां शुरू करेंगी देश जोड़ने का काम

नई दिल्ली (31 अगस्त): रीजनल फ्लाइट्स की शुरुआत एयर इंडिया और स्पाइसजेट की तरफ से हो सकती है क्योंकि इन्हीं दोनों कंपनियों के बेड़े में छोटे विमान हैं। एविएशन मिनिस्ट्री के मुताबिक, छोटे विमानों वाली ये कंपनियां रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत कनेक्टिविटी मुहैया कराने में सक्षम होंगी।

एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू ने इकनॉमिक टाइम्स से कहा, 'बड़े जेट रीजनल रूट्स पर उड़ान भर पाने की स्थिति में नहीं होंगे, लेकिन इन रूट्स पर छोटे विमानों वाली एयरलाइन कंपनियां पक्के तौर पर उड़ान भर सकती हैं। अगर एयर इंडिया अपने छोटे विमान का यूटिलाइजेशन बढ़ाती है तो वह पक्के तौर पर इन रूट्स पर उड़ान शुरू कर सकती है। स्पाइसजेट ने इस स्कीम के बारे में जानकारी मांगी है। दोनों ही एयरलाइंस को तीन साल के लिए खास रूट के एक्सक्लूसिव राइट्स मिलेंगे।'

एयर इंडिया की रीनजल सब्सिडियरी अलायंस एयर 70 सीटों वाले एटीआर विमानों का बेड़ा चला रही है जबकि स्पाइसजेट के पास 70 सीटों वाले बॉम्बार्डियर क्यू400 विमान हैं। सरकार को जब लगा कि रीजनल कनेक्टिविटी को अंजाम देने के लिए नई एयरलाइन कंपनियों को विमान लीज पर लेने में दिक्कत हो सकती है, तब उसको इन एयरलाइंस कंपनियों के सपॉर्ट की जरूरत महसूस हुई।