केंद्र सरकार की बड़ी चूक, बता दी यौन शोषण पीड़िता की पहचान

नई दिल्ली ( 4 मई ): महिला और बाल विकास मंत्रालय ने एक यौन शोषण पीड़िता का नाम सार्वजनिक कर दिया है। यह मंत्रालय की भारी चुक है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से पीड़िता की मुलाकात के बाद मंत्रालय ने जो प्रेस नोट जारी किया उसमें महिला की पहचान उजागर कर दी।पीड़ित महिला राष्ट्रीय एयरलाइंस कंपनी 'एयर इंडिया' में एयरहोस्टेस है। पीड़िता का आरोप है कि एयरलाइंस कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने छह साल तक उसका यौन उत्पीड़न किया।

बता दें किसी खास परिस्थितियों को छोड़कर यौन शोषण के केस में पीड़िता की पहचान उजागर करना कानून के खिलाफ है, लेकिन यहां महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की तरफ सीधे इसका उल्लंघन किया गया है।पीड़िता ने पिछले महीने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को चिट्ठी भेज कर अपनी आप बीती बताई थी। इसमें महिला ने बताया था कि पिछले साल उसकी शिकायत पर एक इंटर्नल कंप्लेंट कमिटी गठित की गई थी। महिला के मुताबिक ये कमेटी उसके ऊपर मामले को दबाए रखने के लिए दबाव डाल रही थी।मेनका गांधी से मिलने के बाद महिला ने मीडिया से बात करने से मना कर दिया था। साथ ही यह आग्रह भी किया था कि उसकी फोटो न खींची जाए। वहीं मंत्रालय ने दोपहर को 12.42 बजे जो प्रेस नोट जारी किया, जिसमें उसका नाम उजागर हो गया था। शिकायत 'कार्यस्थल पर महिला के यौन उत्पीड़न' (रोकथाम, निषेध और निवारण) एक्ट, 2013 के अंतर्गत है।केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने यह मामला नागरिक उड्डयन मंत्री के समक्ष उठाया है। उन्होंने एयर इंडिया की इंटर्नल कंप्लेंट कमिटी के प्रमुख से भी बात की और उन्हें जून, 2018 में ही जांच पूरी करने के लिए कहा।