सिर से जुड़े ट्विन की भारत में पहली बार होगी सर्जरी

नई दिल्ली (29 अगस्त): देश में पहली बार सिर से जुड़े ट्विन बेबी को अलग करने की सर्जरी सोमवार को एम्स में हो सकती है। उड़ीसा में पैदा सिर से जुड़े जगन्नाथ और बलराम को अलग करने की चुनौती एम्स के डॉक्टरों ने स्वीकार कर ली है। एम्स में 15 जुलाई को एडमिट किए गए ट्विन को अलग करने के लिए एक महीने से ज्यादा समय से तैयारी की जा रही है। ट्विन की उम्र करीब सवा दो साल है।
 
सर्जरी करने वाले एक डॉक्टर ने बताया कि हम कोशिश कर रहे हैं कि दोनों बच्चों को बचा लिया जाए, लेकिन अगर एक भी बच्चा बचता है तो यह ऐतिहासिक सर्जरी होगी। बच्चों के सिर जुड़े होने का इस तरह का मामला बहुत दुर्लभ है। ऐस मामला 25 मिलियन बच्चों के जन्म में एक बार नजर आता है। इस तरह के मामलों में 10 में 4 बच्चे जन्म के वक्त ही मर जाते हैं, जबकि अन्य तीन की मौत अगले 24 घंटों में हो जाती है। 

1952 से अब तक दुनिया भर में केवल 50 मामलों में डॉक्टरों ने बच्चों के सिर अलग करने का प्रयास किया है। इस प्रकार की सर्जरी के सफल होने की संभावना केवल 25 फीसदी होती है। जिन बच्चों की सर्जरी एम्स में की जा रही है वह केस और भी जटील है। दोनों बच्चों के सिर के बीच से नसें गुजरती हैं, जिसने उनके दिमाग और दिल में खून का संचार होता है। 

डॉकटरों ने खून के बहाव को बनाए रखने के लिए अलग नसों का प्रयोग करने का फैसला किया है। डॉक्टर ने बताया कि सर्जरी का फर्स्ट स्टेज लगभग पूरा हो चुका है और दोनों ही बच्चे अभी स्वस्थ्य हैं।