एम्स के मेडिकल बोर्ड ने रेप पीड़िता को नहीं दी अबॉर्शन की इजाज़त

 

नई दिल्ली (30 लाई):   नाबालिग रेप पीड़ित को मेडिकल बोर्ड ने अबॉर्शन की इजाजत नहीं दी। भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिकल बोर्ड ने 16 साल की रेप पीड़िता का अबॉर्शन कराने की इजाजत देने से इनकार कर दिया। बोर्ड ने कहा है कि अगर 24 हफ्ते की प्रेग्नेंसी के बाद अबॉर्शन होता है तो यह पीड़िता के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। पीड़िता 30 हफ्ते की प्रेग्नेंट है। 

- एम्स के मेडिकल बोर्ड ने कहा  है कि नाबालिग को 24 नहीं बल्कि 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी है।

- इस स्टेज में अबॉर्शन किए जाने पर जानलेवा साबित हो सकता है।

- पीडि़ता ने अबॉर्शन के लिए पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट में पीटीशन फाइल की थी।

- नाबालिग पीड़िता के मुताबिक उसे वक्त 24 हफ्ते की प्रेग्नेंसी थी।

- कानून के मुताबिक देश में 20 हफ्ते से ऊपर की प्रेग्नेंसी होने पर अबॉर्शन कराने की इजाजत नहीं है।   - हालांकि, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एक रेप पीड़िता को 24 हफ्ते बाद भी अबॉर्शन की इजाजत थी।