AIADMK में खत्म होगी गुटबंदी, एकसाथ आएंगे पनीरसेल्वम और पलानीसामी

नई दिल्ली (18 अगस्त): जयललिता की मौत के बाद उनकी पार्टी AIADMK दो गुट में बंट गई थी। अब खबर है कि पूर्व सीएम पनीरसेल्वम और मौजूदा मुख्यमंत्री पलानीसामी ने इस गुटबंदी को खत्म कर एकजुट होने का फैसला किया है। पन्नीरसेल्वम गुट ने AIADMK के विलय की तीन शर्ते रखी थीं। जिसे पलानीसामी गुट ने लगभग मान लिया है। शर्तों में शशिकला व उनके परिवार के सदस्यों को पार्टी से बाहर रखने, जयललिता के निधन की न्यायिक जांच कराने और जयललिता के आवास को स्मारक में बदलने की बात शामिल है।

पार्टी प्रमुख जयललिता की मौत के बाद अन्‍नाद्रमुक तीन गुटों में बंट गई थी। सबसे पहले पार्टी की महासचिव और जेल में सजा काट रहीं वीके शशिकला का पनीरसेल्वम ने विरोध किया था। इसके बाद सीएम पलानीसामी और शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन के भी अलग अलग गुट बन गए थे। 

पनीरसेल्वम गुट ने कुछ दिन पहले ही एक विधेयक पास कर दिनाकरन को डिप्टी जनरल सेक्रेटरी बनाए जाने को अवैध बताते हुए अस्वीकार कर दिया था। विधेयक में यह भी बताया गया था कि खुद शशिकला को महासचिव बनाए जाने की जांच चुनाव आयोग कर रहा है। दिनाकरन ने इसे चैलेंज करते हुए कहा था कि उनके पास 20 विधायकों का सपोर्ट है। 

पनीरसेल्वम गुट का कहना है कि हमारी दो प्रमुख मांगें गुरुवार को सीएम की घोषणा के बाद पूरी हो गई हैं। माना जा रहा है कि अन्‍नाद्रमुक में विलय के बाद पनीरसेल्वम को डिप्टी सीएम और उनके गुट के प्रमुख लोगों को मंत्री भी बनाया जा सकता है। हालांकि पनीरसेल्वम गुट के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सरकार की बागडोर पलानीसामी के हाथ रहेगी और पार्टी पनीरसेल्वम के नेतृत्व में काम करेगी। ऐसे में एमजीआर और जयललिता के समय रही पार्टी की एक नेता की पहचान खत्म हो जाएगी।