शराब के नशे में डॉक्टर ने कराई डिलीवरी, मां और नवजात की मौत

भूपेंद्र सिंह, अहमदाबाद (27 नवंबर): इस देश में आज भी लोग डॉक्टर को भगवन का रूप मानते है लेकिन बोटाद के एक डॉक्टर ने भगवान की जगह यमराज का रूप ले लिया और जीवन देने की बजाय दो जिदंगियों को मौत के घाट उतार दिया। गरीबो के लिए तो सरकारी अस्पताल ही ऐसी जगह है जहां वो अपने जीवन की तलाश के लिए पहुंचते है लेकिन बोटाद के सरकारी अस्पतल में जो कुछ हुआ वो बेहद गंभीर और चौकाने वाला है, जहा एक डॉक्टर की लापरवाही ने नवजात शिशु और माता की जान ले ली। जांच के बाद जो हकीकत सामने आयी वो का चौकाने वाली थी।

बोटाद सरकारी सोनवाला अस्पतालके डॉ परेश लखाणी के पास जब राणपुर के अलामपर गांव के कामिनी बहन अपने अच्छे दिनों की उम्मीद पाले एक नन्हे जीवन की आश लिए अस्पताल पहुंची तो नहीं जानती थी की जिस डॉक्टर को भगवन समझ कर वो आई है वही उसके और नवजात  शिशु के लिए यमराज बन जाएगा।

बीती रात जब कामिनी बहन डिलीवरी के लिए पहुंची तो उस वक्त अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ परेश लखानी ने वैक्यूम से डिलीवरी करवाई जिसके कुछ ही देर बाद माँ और नवजात शिशु दोनों की मौत हो गई। परिवार ने पाया की डॉक्टर नशे की हालत में है और इसी वजह से उसने डिलीवरी में गंभीर लापरवाही की है। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस को फोन किया और जांच के बाद पुलिस ने पाया की वाकई डॉक्टर नशे में था जिसके बाद पुलिस ने डॉक्टर परेश लखाणी को गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में अब अस्पताल प्रशाशन दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी से कड़ी करवाई की बात कर कह रहा है लेकिन इस घटना ने एक बार सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के रवैये पर सवालिया निशान लगा दिया है।