अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भारत को बड़ी कामयाबी, बिचौलिया मिशेल दिल्ली लाया गया

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 दिसंबर): अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में भारत को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 3,600 करोड़ रुपये के इस VVIP चॉपर सौदे के कथित बिचौलिए और ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को भारत ले आया गया है। यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व में चलाया गया। भारत की जांच एजेंसियां मिशेल को मंगलवार को दुबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट ले गईं थीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां से उन्हें भारत लाया गया।

सीबीआई ने बताया कि ऑपरेशन की जिम्मेदारी अंतरिम सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव और जॉइंट डायरेक्टर साई मनोहर के नेतृत्व था। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 54 वर्षीय मिशेल को दुबई एयरपोर्ट ले जाया गया है और वहां भारत लाया जाएगा। भारत ने 2017 में खाड़ी देशों से उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी। सीबीआई और ईडी इस मामले में उनपर आपराधिक मामले के तहत जांच कर रहे थे।ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। इसमें कहा गया था कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड से करीब 225 करोड़ रुपये प्राप्त किए। ईडी ने कहा था कि यह पैसा और कुछ नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा 12 हेलीकॉप्टरों के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए वास्तविक लेन-देन के 'नाम पर' दी गई 'रिश्वत' थी। फरवरी 2017 में उसे UAE में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। मिशेल के वकील ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय जांच ब्यूरो उनके क्लाइंट पर दबाव बना रही है। हालांकि जांच एजेंसी ने इन आरोपों से साफ इनकार किया था।  

ईडी ने इस साल जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात प्रशासन से मिशेल को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया था। ईडी और सीबीआई दोनों ने भारतीय अदालतों में रिश्वतखोरी के मामलों में आरोप-पत्र दायर किए थे और आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।

भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक, अगस्ता वेस्टलैंड को हेलिकॉप्टर का ठेका सुनिश्चित कराने के लिए मिशेल को कम से कम 235 करोड़ रुपये बतौर रिश्वत प्राप्त हुए थे। उसने इस सिलसिले में बार-बार भारत की यात्रा की थी, उसने वर्ष 1997 से 2013 के बीच भारत की 300 यात्राएं की थी।