अग्नि का चौथा और आखिरी टेस्ट आज, चीन तक मार करेगी ये मिसाइल

नई दिल्ली (26 दिसंबर): भारत एक बार फिर अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है। डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) सूत्रों के मुताबिक सबकुछ ठीक रहा तो  आज सोमवार (26 दिसंबर) को ओडिशा के तट पर इसका परीक्षण किया जाएगा। इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का यह चौथा और आखिर टेस्ट होगा। इस बार पूरी क्षमता के साथ इस मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल की रेंज में पूरा चीन होगा।

सूत्रों के मुताबिक, टेस्ट के लिए तैयारियां आखिरी चरण में हैं। इसका प्रक्षेपण ओडिशा के व्हीलर आइलैंड से होगा। इस मिसाइल के दायरे में चीन के आने की वजह से इस प्रक्षेपण को रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है। तीन चरणों वाले इस मिसाइल का परीक्षण इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से मोबाइल लॉन्चर लॉन्च कॉम्प्लेक्स-4 के जरिए होगा।

मिसाइल का चौथा टेस्ट जनवरी-2015 में किया गया था। अग्नि-5 मिसाइल चीन तक मार कर सकती है। 2015 में किए चौथे टेस्ट में मिसाइल ने ये क्षमता हासिल कर ली थी। अधिकारियों के मुताबिक, अग्नि-5 को टारगेट तक ले जाने के लिए तीन स्टेज हैं। स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) को दिए जाने से पहले मिसाइल का ये अंतिम टेस्ट बताया जा रहा है। 2003 में एसएफसी की स्थापना हुई थी। यह देश के एटमी हथियारों को कंट्रोल करती है। मिसाइल के प्रोडक्शन से पहले ये संस्था कम से कम दो बार टेस्ट करती है।

रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक न्यूक्लियर वॉरहेड ढोने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल को आसानी से कहीं भी ले जाया और दागा जा सकता है। इससे पहले साल 2012, 2013 और 2015 में इस मिसाइल का प्रक्षेपण किया जा चुका है। 5000 किलो मीटर की मारक क्षमता की मिसाइल रखने वाला अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के बाद भारत पांचवां देश होगा।