अग्नि-5 की जद में आधी दुनिया, दुश्मनों की उड़ी नींद

चांदीपुर (26 दिसंबर): आत्म रक्षा के क्षेत्र में हिंदूस्तान ने बड़ी कामयाबी हांसिल की है। ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप तट से भारत ने आज यानी 27 दिसंबर को अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया। 5000 किलोमीटर तक सटीक निशाना साधने में अग्नि-5 सक्षम है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम भारत की अब तक की ये सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल है। 

ये मिसाइल 1000 किलोग्राम तक के वॉरहेड ले जाने में समझ है। अग्नि-5 की रेंज में चीन और पाकिस्तान समेत तक तकरीबन आधी दुनिया आ गई है। अग्नि-5 की निर्माण भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी DRDO ने किया है। गौरतलब है कि  मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजिम यानी MTCR का सदस्य बनने के बाद भारत ने पहली बार किसी मिसाइल का परीक्षण किया है। भारत इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल यानी ICBM बनाने वाला 5वां देश है। अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन हमसे पहले इस तरह की मिसाइल डेवलप कर चुके हैं।

अग्नि-5 की खासियतें...

- अग्नि-5 सतह से सतह पर मार करने वाली मीडियम से इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज की मिसाइल है

- 5000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपने टारगेट को महज 20 मिनट में नेस्तनाबूद करने में सक्षम

- ये खास तरह के नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम से लैस

- रिंग लेजर गायरोस्पेस यानी RLG टेक्नीक की वजह से 100 फीसदी सटीक निशाना लगाने सक्षम

- मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल यानी MIRV टेक्नीक के इस्तेमाल से एकसाथ कई टारगेट पर वार करने में सक्षम

- 1000 किलो तक वॉरहेड ले जा सकती है

- 17 मीटर लंबी अग्नि-5 का वजन 50 टन है

- लॉन्चिंग सिस्टम में कैनस्टर टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया है

-मिसाइल को आसानी से कहीं भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है

- सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल को आसानी से डिटेक्ट नहीं किया जा सकता

- ये सॉलिड फ्यूल से चलती है

जद में आधी दुनिया...

- अमेरिका को छोड़कर पूरा एशिया, अफ्रीका और यूरोप इसकी जद में

- इसकी रेंज में पूरा पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान और करीब आधा यूरोप आता है

- अग्नि-5 चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनशिया और फिलीपींस तक टारगेट पर निशाना लगा सकती है