अग्नि-5 के सफल परीक्षण के बाद चीन की अकड़ हुई ढीली

बीजिंग (27 दिसंबर): कहते हैं कि अगर आपको किसी ताकतवर से मुकाबला करना होता है तो आपको उससे ज्यादा ताकतवर बनना पड़ता है। ऐसा ही कुछ भारत ने बलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का परीक्षण करके कर दिखाया है, जिसके बाद चीन के तेवर नरम पड़ गए हैं।

परमाणु क्षमता से लैस अग्नि-5 के परीक्षण के बाद चीन ने कहा है कि इस मिसाइल का परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों के मुताबिक है और इससे दक्षिण एशिया का सामरिक संतुलन नहीं बिगड़ेगा। अग्नि-5 के सफल परीक्षण पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, 'भारत और चीन प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि साझीदार हैं।'

चीन की प्रवक्ता ने कहा, 'हमारा हमेशा मानना है कि दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन और स्थिरता बनाए रखना क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए अनुकूल है।' दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन का तात्पर्य भारत और पाकिस्तान के सैन्य संतुलन से लगाया जाता है। उन्होंने अग्नि-5 का निशाना चीन को बताते हुए भारत और अन्य जगहों पर की गई मीडिया रिपोर्ट की आलोचना की। मेरा मानना है कि भारत की मंशा के बारे में आप भारतीय पक्ष से पूछिए। हमारी नजर में भारत और चीन प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि साझीदार हैं।