अंतरजातीय विवाह का विरोध करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई


नई दिल्ली ( 16 फरवरी ): सुप्रीम कोर्ट में खाप पंचायतों द्वारा ऑनर किलिंग के नाम पर हत्‍या के मामलों पर कोर्ट मित्र एमिकस क्‍यूरी राजू रामचंद्रन ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एमिकस क्‍यूरी राजू रामचंद्रन ने कहा कि अंतरजातीय विवाह करने वाले व्‍यस्‍कों का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में ‘खाप’ शब्‍द की जगह ‘लोगों की भीड़’ का इस्‍तेमाल किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी शादी को कहीं पर भी विरोध करने के लिए लोग इक्कठा हों तो उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर करवाई की जाए। साथ ही इलाके के डीएम विवाहित जोड़ों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए। इतना ही नहीं उन जोड़ों के घर की भी सुरक्षा करें। 

5 फरवरी को मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायत को कड़ी फटकार लगायी थी और उन्‍हें ऑनर किलिंग के नाम पर कानून को हाथ में न लेने की सलाह दी थी। इससे पहले 16 जनवरी को कोर्ट ने अंर्तजातीय विवाह करने वाले युगल पर हमले को रोकने में असफल रहने पर केंद्र को भी लताड़ा था। 

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों पर खाप पंचायतों द्वारा किये जाने वाले अत्याचारों पर अंकुश लगा पाने में असफल रहने पर केंद्र सरकार को फटकार भी लगायी। पीठ ने कहा, ‘यदि केंद्र खाप पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो कोर्ट कदम उठाएगा।‘ 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि व्‍यस्‍क युवक युवती के शादी के फैसले को लेकर न तो खाप पंचायत और न ही सोसायटी इस मामले पर सवाल कर सकते हैं।