PNB घोटाले के बाद हरकत में RBI, बैंकों के LOU और LOC जारी करने पर लगाई रोक

नई दिल्ली ( 14 मार्च ): देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13 हजार करोड़ रुपए के महाघोचाले के बाद आरबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। आरबीआई ने बैंकों द्वारा आयात के लिए व्यापार ऋण पर गारंटीपत्र (एलओयू) और भरोसा-पत्र (एलओसी) जारी किए जाने की व्यवस्था पर मंगलवार को रोक लगा दी। आरबीआई ने कहा कि ट्रेड फाइनैंस के लिए LoU और लेटर ऑफ कंफर्ट (LoCs) के इस्तेमाल को रोकने वाला फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।

आरबीआई ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब कुछ ही दिनों पहले हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी द्वारा एलओयू का इस्तेमाल कर पंजाब नेशनल बैंक के साथ करीब 13 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि गारंटीपत्र पर रोक लगाने का फैसला तत्काल प्रभाव से लागू है।

आरबीआई ने एक नोटिफिकेशन में कहा, 'गाइडलाइंस की समीक्षा के बाद आयात के लिए बैंकों द्वारा गारंटीपत्र जारी किए जाने की सुविधा पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है।'

अब आयातक लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक की गारंटी के जरिए बैंक से लोन ले सकते हैं। आरबीआई ने आयातकों के लिए ये दोनों विकल्प खुला रखा है> लेटर ऑफ क्रेडिट का ही प्रचलन दुनिया के अधिकतर देशों में है और इसे अधिक भरोसेमंद माना जाता है।

एलओयू के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शंस का बैंक को पता नहीं रहता है लेकिन लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए होने वाले लेन-देन की जानकारी बैंकों को होती है> हालांकि लेटर ऑफ क्रेडिट आयातकों के लिए थोड़ा महंगा पड़ेगा लेकिन बैंकों में हो रहे घोटालों को देखते हुए आरबीआई के इस कदम से इस तरह के घोटालों पर रोक लगेगी। 

जानें क्या है एलओयू? एलओयू ऐसे बैंक गारंटी होते हैं जिसके जरिये कोई बैंक अपने ग्राहकों को दूसरे बैंकों की विदेशी शाखाओं से कम वक्त का ऋण लेने की इजाजत देता है। इस लोन से कंपनी विदेश से आयात होने वाली वस्तुओं का बिल चुकाती है। विदेश स्थित बैंक आयातकों के बैंक की ओर से जारी एलओयू के आधार पर लोन देता हैं।