भारत ने दिया उइगर लीडर को वीजा, भड़का चीन

नई दिल्ली(23 अप्रैल): चीन ने वर्ल्ड उइगर कांग्रेस के लीडर डोल्कन ईसा को भारत की ओर से वीजा मिलने पर चिंता जताई है। चीन का कहना है कि ईसा आतंकवादी है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है और यह सभी देशों की जिम्मेदारी है कि उसे पकड़ा जाए। ऐसा माना जा रहा है कि भारत का ये कदम चीन को उसी की भाषा में जवाब है। 

डोल्कन ईसा को भारत सरकार ने 28 अप्रैल से 1 मई तक धर्मशाला में होने वाले सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है। इस सम्मेलन में दुनियाभर में रहने वाले चीनी कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे और चीन में लोकतंत्र की बहाली को लेकर चर्चा करेंगे। चीन में अलगाववादी कहे जाने वाले बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा के भी सभा को संबोधित करने की उम्मीद है। यूएस इंस्टिट्यूट ऑफ पीस के कार्यक्रम में उइगर कार्यकर्ताओं का ग्रुप 15 देशों के ग्रुप के साथ शामिल होगा।

चीन में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के हैं उइगर अलगाववादी

बता दें कि शिनजियांग प्रांत में उइगर अलगाववादी चीन के लिए बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं। चीन में हान मूल के लोगों की बहुलता है, जबकि उइगर अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के हैं। शिनिचियांग में उइगर और हान समुदाय के बीच अकसर दंगों की खबरें आती रहती हैं। उधर, भारत के पास और भी आतंकी नेताओं की सूची है, जिन्हें वह संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी के द्वारा आतंकी घोषित करवाना चाहता है। अभी यह साफ नहीं है कि चीन इनमें से कितनों के मामले में रोड़ा अटकाएगा।

चीन ने अजहर मामले पर दी सफाई नई दिल्ली में चीनी दूतावास में सक्षम अधिकारी लियू जिनसॉन्ग ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में अपने देश के स्टैंड को दोहराया है। उन्होंने कहा कि चीन सभी तरह के आतंकवाद के खिलाफ है। हमने अजहर के मामले में वीटो नहीं, बल्कि तकनीकी रोक लगाई थी। यह भारत और चीन के बीच का मसला नहीं है। हम आपको पाकिस्तान से बात करने की सलाह देंगे। चीन के विदेशी मंत्रालय ने कहा है कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद से जूझते रहे हैं और आतंकवाद से लडऩे के मामले में दोनों की स्थिति समान है।

जल्द ही भारत और चीन के बीच हो सकती है चर्चा भारत और चीन के बीच अगले दौर की चर्चा मसूद अजहर के मामले के इर्द-गिर्द होने की उम्मीद है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के इसी हफ्ते के अंत में बीजिंग में स्टेट काउंसलर के साथ रणनीतिक चर्चा करने की उम्मीद है। इस चर्चा में भी इस मामले को फिर से उठाया जाएगा। यह चर्चा अप्रत्याशित रूप से करीब एक साल बाद होगी। डोभाल ने पिछली मुलाकात भारत के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के कारण रद्द कर दी थी।

चीन को क्यों है एतराज? - चीन का मानना है कि उइगर लीडर्स मुस्लिम बहुल शिंजियांग प्रोविंस में आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। - बता दें कि शिंजियांग में उइगर मुसलमानों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है और इन्हें तुर्किक मूल का मुस्लिम माना जाता है। - कई सालों से अलग-अलग मांगों को लेकर यहां उइगर मुसलमान प्रोटेस्ट कर रहे हैं।  - चीन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) को एक आतंकवादी ग्रुप मानता है।  - इस ग्रुप पर शिंजियांग और देश के अन्य हिस्सों में आतंकी हमले करने का आरोप है। - जबकि डोल्कन ईसा का कहना है- ईस्ट तुर्किस्तान और इंडिया के बहुत पुराने और अच्छे रिलेशन थे। इसीलिए उइगर लोग भारत को प्यार करते हैं।