82 साल पहले इस खिलाडी को विदेशी दौरे से वापस भेजा गया था भारत

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जनवरी):  विवादित बयान देकर टीम इंडिया के स्टार खिलाडी हार्दिक पंड्या और केएल राहुल मुश्किलों में फंस गए हैं। भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों से जुड़े विवाद पहले भी होते रहे हैं लेकिन हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का मामला पिछले 82 वर्षों में केवल दूसरी ऐसी घटना है, जब भारतीय क्रिकेटरों को विदेशी दौरे के बीच से स्वदेश वापस भेजा जाएगा। वर्षों पहले 1936 में लाला अमरनाथ को तत्कालीन कप्तान विजयनगरम के महाराज यानी विज्जी ने कथित अपमान के कारण इंग्लैंड दौरे के बीच से स्वदेश वापस भेज दिया था। इससे पहले भी विदेशी दौरों में कई बार अनुशासनात्मक मसले उठे लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर है, जबकि बोर्ड ने कार्रवाई की और दोषी खिलाड़ियों को स्वदेश लौटने के लिए कहा।

लाला अमरनाथ की विज्जी के साथ बहस मुख्य रूप से टीम की राजनीति से जुड़ी थी। इस मामले में आम राय रही है कि ब्रिटिश भारत के तहत एक रियासत के शासक को अपनी योग्यता नहीं बल्कि पद के कारण कप्तानी मिली थी। ईएसपीएनक्रिकइन्फो में जुलाई 2007 में प्रकाशित एक आलेख के अनुसार अमरनाथ क्षुद्र राजनीति का शिकार हुए थे। पंड्या और राहुल का मामला एकदम से भिन्न है और उन्हें महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की कीमत चुकानी पड़ रही है।

भारतीय खिलाड़ियों के विदेशी दौरे के बीच से स्वदेश लौटने की एक और घटना 1996 में घटी थी जब नवजोत सिंह सिद्धू कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन से तीखी बहस के बाद इंग्लैंड दौरे से हट गए थे। वह किसी को सूचित किए बिना चुपचाप भारत वापस लौट आए थे। जिसके बाद दौरे पर उनके रूम मेट को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला था। सिद्धू का वह रूममेट कोई और नहीं बल्कि भारत के महानतम कप्तान सौरव गांगुली थे जिन्होंने लार्ड्स में शतक जड़ाकर शानदार पदार्पण  किया था।